जिला पुलिस ने बिजबिहाड़ा में अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कोडीन फॉस्फेट (प्रतिबंधित दवा) की 413 बोतलें जब्त की गई हैं। आरोपियों की पहचान मोंटी सिंह निवासी बुलंदशहर (यूपी), आशीष भारद्वाज और राहुल निवासी छतरपुर (नई दिल्ली) के रूप में हुई है। इस रैकेट के तार नोएडा से जुड़े हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली से श्रीनगर में नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना पर बिजबिहाड़ा थाने की टीमों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह नाकाबंदी कर दी। बिजबिहाड़ा के दुनीपोरा इलाके में पुलिस ने एक टोयोटा कार को रोका। इसमें तीन लोग सवार थे। तलाशी लेने पर कार से कोडीन फॉस्फेट की बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें कोड्रिल-टी के रूप में ब्रांड किया गया था।
आरोपियों को गिरफ्तार कर बिजबिहाड़ा थाने में भेजा गया। जहां पूछताछ में पता चला है कि यह खेप सोपोर और श्रीनगर में पहुंचाई जानी थी। पुलिस टीमों ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए कई ठिकानों पर दबिश दी। सोपोर से एक स्थानीय तस्कर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर नई दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के सहयोग से नोएडा के सेक्टर-135 में एक गोदाम पर भी दबिश दी गई। जहां से बड़ी मात्रा में कोडीन बरामद हुई।
रैकेट के पीछे मुख्य सरगनाओं की पहचान फरीदाबाद के निवासी सचिन राणा और अरुण राणा के रूप में की गई है, जिनकी तलाश जारी है। इस ऑपरेशन ने अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस की जांच जारी है। इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।