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Jammu News: दो फाड़ हुई युवा राजपूत सभा को एक मंच पर लाने की कोशिश, अध्यक्ष पद के लिए आज अहम बैठक

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। दो फाड़ हुई युवा राजपूत को एक मंच पर लाने की आखिरी कोशिश की गई है। सभा की कोर समिति की विवाद समाधान समिति की ओर से बुधवार को कांगड़ा किला बरनाई जम्मू में दोपहर 12 बजे एक अहम बैठक बुलाई गई है। इसका उद्देश्य अध्यक्ष पद के विवाद को सुलझाना और चुनाव अधिकारी की देखरेख में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति करना है। इसमें अध्यक्ष पद के लिए दोनों धड़ों के दावेदारों, कोर समिति के सदस्यों और राजपूत बिरादरियों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है।
बताया गया कि कोर समिति के सदस्यों की सिफारिश पर सभा के ट्रस्टियों की ओर से युवा राजपूत सभा जम्मू-कश्मीर (वाईआरएस) की विवाद समाधान समिति का गठन किया गया है। समिति में कोर समिति से सदस्य रणजीत सिंह, राजेश सिंह, पुष्पिंदर सिंह, रमेश सिंह मेशा और राकेश सिंह बबलू (कोर कमेटी सदस्य) हैं।
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मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए समिति से रणजीत सिंह पप्पी ने बताया कि समिति को यह महत्वपूर्ण फैसला अध्यक्ष, मुख्य संरक्षक और कोर समिति के कुछ अन्य सदस्यों की विफलताओं के कारण लेना पड़ा है। अध्यक्ष पद की गुटबाजी को संगठन को नुकसान पहुंचा है। यदि कोर समिति का कोई सदस्य या उक्त दोनों में से कोई भी उम्मीदवार बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होता है तो बिरादरी और जनता के सामने यह स्वतः प्रदर्शित हो जाएगा कि वे राजनीतिक या अन्य ताकतों के साथ मिले हुए हैं और युवा राजपूत सभा को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। विवाद समाधान समिति ने दोहराया कि युवा राजपूत सभा की स्थापना राजपूत समुदाय के गौरव, एकता और कल्याण को बनाए रखने के लिए की गई है।
अब तक के प्रयास रहे विफल
युवा राजपूत सभा के दोनों धड़ों को एक साथ लाने के प्रयास अब तक विफल रहे हैं। अब तीसरी और अहम बैठक से दोनों धड़ों को आमंत्रित होकर चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कहा गया है। कोर समिति के फैसले के बाद ही युवा राजपूत सभा का नेतृत्व करने के लिए एक अध्यक्ष की ताजपोशी होगी जो भविष्य में युवा राजपूत सभा का नेतृत्व करेगा।
समिति इस निष्कर्ष पर पर भी पहुंची है कि तत्काल प्रभाव से युवा राजपूत सभा के सभी मौजूदा निकाय जिनमें अध्यक्ष, दोनों तथाकथित अध्यक्ष और अन्य सभी पदाधिकारी शामिल हैं, भंग किए जाते हैं। समिति की ओर से वाईआरएस के पूर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह विक्की को कोर समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा और वह पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक तरीके से नए चुनाव कराने के लिए चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य करेंगे।
यह है विवाद
हाल ही में सभा के चेयरमैन रघुबीर सिंह ने संजीव सिंह रिंकू को अध्यक्ष पद के लिए नामित किया जबकि मुख्य संरक्षक राजेंद्र सिंह ने मंदीप सिंह को अध्यक्ष पद के लिए नामित कर दिया। दोनों ने 25 सदस्यों वाली कोर समिति से बहुमत मिलने का दावा किया। इसके परिणामस्वरूप दोनों धड़ों में गतिरोध पैदा हो गया। मामले को सुलझाने के लिए कोर समिति और संस्थापक सदस्यों की कई बैठकें हुईं लेकिन कोई आम सहमति नहीं बन पाई। समिति के दोनों धड़ों काे 15 अगस्त को ध्वजारोहण समारोह में मंच पर लाने का प्रयास भी सफल नहीं हुआ। विभिन्न राजपूत बिरादरी प्रमुखों की सलाह पर यह निर्णय लिया गया कि कोर समिति को दोनों गुटों को एकजुट करने के अंतिम प्रयास करने चाहिए।
कमेटी का फैसला मंजूर
युवा राजपूत सभा के एक धड़े के अध्यक्ष मंजीत सिंह चिब का कहना है कि उन्हें समिति का फैसला मंजूर है। बैठक में सदस्य फैसला लें कि कौन अध्यक्ष होगा। हम बैठक में भाग लेंगे।
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चुनाव एक ही बार होता, बार-बार नहीं
युवा राजपूत सभा के दूसरे धड़े के अध्यक्ष संजीव सिंह रिंकू का कहना है कि अध्यक्ष एक ही बार बनता है। समिति ने अंतिम फैसला पहले ही सुना दिया है। ऐसे में दोबारा चुनाव में भाग लेने की जरूरत नहीं है।
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