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अनुच्छेद 370 में संशोधन पर सोशल मीडिया में जंग, उमर, महबूबा और शाह फैसल ने किया ट्वीट

Fri, 01 Mar 2019 02:25 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Omar Abdullah and Mehbooba Mufti - फोटो : फाइल
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अनुच्छेद 370 में संशोधन संबंधी केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर टिप्पणियों का दौर शुरू हो गया। इस पर नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि पहले कैबिनेट आदेश का मतलब समझ लिया जाए न कि उस पर टिप्पणी की होड मचाई जाए। इस प्रकार की गलती के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। 
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उमर ने एक ट्वीट में सवाल उठाते हुए कहा कि क्यों सोशल मीडिया इस आदेश को 35ए से जोड़कर देख रही है। यह केवल आरक्षण को विस्तारित करने के लिए है। उनके वकील ने बताया है कि इससे 35ए पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, एक अन्य ट्वीट में उन्होंने इसके तरीके पर आपत्ति जताई है। कहा कि राज्यपाल को संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव को मंजूरी देने का कोई अधिकार नहीं है। यह केवल चुनी हुई सरकार कर सकती है। 

महबूबा मुफ्ती ने भी एजेंडा आफ एलायंस के दस्तावेज को लगाते हुए ट्वीट किया कि इसमें संवैधानिक स्थिति से छेड़छाड़ न करने की बात कही गई थी, जिस पर भाजपा भी सहमत थी। कश्मीरी आबो ओ हवा कम से कम उनकी यादाश्त को बरकरार रखने में सफल रही है। 
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पूर्व सांसद तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि कारसेवक गवर्नर के प्रस्ताव को स्वीकार कर केंद्र सरकार काफी खतरनाक खेल खेल रही है। वह असंवैधानिक रूप से चुनी हुई सरकार का कार्यभार संभाल रहे हैं। लोकतंत्र तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कारसेवक गवर्नर ने फेंक दिया है। पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने ट्वीट किया कि इससे अनुच्छेद 370 या 35ए में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। राज्यपाल को संवैधानिक मामलों को छूने से बचना चाहिए। 
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