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हिजबुल कमांडर बुरहान की मौत पर कश्मीर घाटी में तनाव, रोकी गई अमरनाथ यात्रा

Sat, 09 Jul 2016 01:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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अमरनाथ यात्रा - फोटो : File Photo
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कश्मीर में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से घाटी में तनाव बरकरार है। इसी तनाव के चलते प्रशासन द्वारा अमरनाथ यात्रा को रोके जाने का फैसला लिया गया है।
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एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बुरहान की मौत के बाद अलगाववादी संगठनों द्वारा कश्मीर बंद का आह्वान किया गया था। जिसके चलते श्रीनगर समेत घाटी के अन्य जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शन होने की भी आशंका जताई जा रही है। यात्रियों को नुकसान न हो इस वजह से प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा का अस्थायी रूप से रोक दिया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जम्मू से भी आने वाले जत्थों को रोक दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। हालात सामान्य होने पर यात्रा दोबारा से शुरू की जाएगी।
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कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं ठप

मुठभेड़ के दौरान मारा गया बुरहान - फोटो : ANI
गौरतलब है कि शुक्रवार को अनंतनाग जिले में कोकरनाग इलाके में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशन आपरेशन ग्रुप ने हिजबुल कमांडर बुरहान वानी समेत दो आतंकियों को मार गिराया था।

मुठभेड़ में आतंकियों के मारे जाने के बाद पूरी कश्मीर घाटी में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पुलवामा, त्राल और अनंतनाग में उत्तेजित भीड़ ने सड़कों पर जमा होकर पथराव शुरू कर दिया है।

हालात के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया है। परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं हैं। देर रात प्रमुख अलगाववादी नेताओं को भी नजरबंद कर लिया गया। हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने शनिवार से तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया है।

इसे देखते हुए श्रीनगर के पुराने शहर में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रहेंगी। दक्षिणी कश्मीर के कुछ इलाकों में भी प्रतिबंध रहेगा। मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ठप की है।
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कौन था बुरहान वानी?

अपने साथ‌ियों के साथ बुरहान - फोटो : FILE
16 साल की उम्र में ही आतंकी बना बुरहान घाटी के पढ़े-लिखे युवाओं को बहकाकर आतंकी बना रहा था। फेसबुक पर भी बहुत सक्रिय था। सुरक्षा बलों के लिए मन में गहरी नफरत रखने वाला यह आतंकी 2010 में हिजबुल में शामिल हुआ था।

एक के बाद एक कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने के चलते यह जल्दी ही आतंक का आका बन गया। बुरहान शांत इलाकों में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहा था।

सुरक्षा कर्मियों पर हमला कर हथियार लूटना उसके ग्रुप का स्टाइल था। आतंक के मौजूदा दौर में यह कश्मीर का मोस्ट वांटेड आतंकी था।
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