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बारिश के चलते दूसरे दिन भी रूकी अमरनाथ यात्रा

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कश्मीर घाटी में खराब मौसम के चलते शुक्रवार को पारंपरिक मार्ग पहलगाम से पैदल यात्रा को रोक दिया गया। दक्षिणी कश्मीर के पहलगाम के नुनवन स्थित आधार शिविर से यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। जबकि पहलगाम से चॉपर से 177 यात्री पवित्र यात्रा की ओर दर्शन के लिए गए।
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एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि पवित्र गुफा के आसपास और पहलगाम आधार शिविर से पवित्र गुफा तक के दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर वीरवार देर रात से ही बारिश हो रही थी। इसके कारण फिसलन बढ़ गई थी। ऐसे में यात्रियों को यात्रा के लिए अनुमति देना किसी खतरे से कम नहीं था जिसे ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को पवित्र गुफा की यात्रा स्थगित कर दी गई।

उन्होंने बताया कि मौसम में सुधार के बाद ही यात्रा दोबारा से संचालित करने पर निर्णय लिया जाएगा। बालटाल आधार शिविर से सुबह 7 बजे तक पैदल यात्रा हुई, जिसके बाद बारिश शुरू हो गई और मार्ग पर फिसलन के कारण पैदल यात्रा स्थगित करनी पड़ी। बालटाल से पवित्र गुफा की ओर पैदल यात्रा के लिए 3400 के करीब यात्री रवाना हुए, जबकि चॉपर से 934 यात्री रवाना हुए।
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मौसम खराब होने से चॉपर सेवा 11 बजे शुरू हुई जो शाम 6 बजे तक जारी रही। बरसात की हाईवे पर लगातार मार पड़ रही है। शुक्रवार दूसरे दिन भी रामबन के पास भूस्खलन से अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को कुद (पत्नीटाप के पास) चार घंटे रोकना पड़ा।

हाईवे को कई घंटों तक बंद करना पड़ा

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद रहने से उधमपुर से लेकर रामबन के बीच अन्य सैकड़ों वाहनों को भी रोका गया। इसमें बड़ी संख्या में निजी वाहनों से जा रहे अमरनाथ यात्री भी शामिल थे। हाईवे पर जगह जगह जाम की समस्या रही। उधर, नौंवें दिन यात्रा बाधित होने के कारण कुल 10,378 यात्रियों ने ही दर्शन किए।

इस तरह अब तक कुल 1,31,706 यात्रियों ने हिम शिवलिंग के दर्शन किए। आधार शिविर जम्मू भगवती नगर से दसवें जत्थे में 2422 यात्रियों को रवाना किया गया। इसमें 1691 पुरुष, 540 महिलाएं, 44 बच्चे और 147 साधु शामिल रहे। शुक्रवार सुबह 7.30 बजे तेज बारिश से रामबन के गांगरू इलाके में बड़ी पस्सियां हाईवे पर आ गिरीं।

जिससे दोनों ओर से यातायात को रोकना पड़ा। इस बीच जम्मू से गए अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को कुद में सुबह दस बजे रोक दिया गया। दोपहर 2.30 बजे रामबन के पास हाईवे क्लीयर होने के साथ दो बजे कुद से यात्रियों को आगे भेजा गया। बरसात में रामबन में हो रहा भूस्खलन लगातार हाईवे को नियमित चलाने के लिए चुनौती बना हुआ है।

गत दिवस भी भूस्खलन से हाईवे को कई घंटों तक बंद करना पड़ा था। बटोत से रामबन के बीच कई जगहों पर पहाड़ों से पत्थर के गिरने के कारण वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार रामबन के पास पस्सियां गिरने से समस्या आ रही है। लेकिन हाईवे को क्लीयर रखने के लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
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अमरनाथ यात्रा प्रबंधों का जायजा

पीएचई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री सुखनंदन कुमार चौधरी ने शुक्रवार को पहलगाम के चंदनबाड़ी और नुनवन बेस कैंपों का दौरा कर यात्रा प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने देशभर से आए श्रद्धालुओं से यात्रा इंतजाम पर सुझाव लिए। नुनवन बेस कैंप पर पांच स्थायी हायड्रेंट (हैंडपंप) स्थापित किए गए हैं।

चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और लंगर एसोसिएशन के सहयोग से यात्रियों की सहूलियत के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। कश्मीर में देशभर के पर्यटक बिना किसी हिचक के आएं, उनकी सुरक्षा के साथ अन्य दूसरे पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। अमरनाथ यात्रा से देशभर में रियासत में शांति, प्यार और इंसानियत का संदेश पहुंच रहा है।

उन्होंने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, अहमदाबाद, पटना आदि राज्यों से आए यात्रियों से मुलाकात की। बालटाल रूट से रोजाना 7500 यात्रियों को पवित्र गुफा की ओर भेजा जा रहा है। यात्रियों के लिए स्वास्थ्य, राशन, पोर्टेबल वाटर, एसटीडी, इंटरनेट की सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं।

भविष्य में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए पीएचई की ओर से नुनवान में स्थायी हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इस दौरान जिला उपायुक्त अनंतनाग बशीर अहमद खान, एसडीएम पहलगाम जीएम भट्ट आदि मौजूद रहे।
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