- मंदिरों, विश्रामालय, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का डेरा
- बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा मंदिरों का शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। अमरनाथ यात्रा का आगाज होते ही मंदिरों का शहर पूरी तरह शिवमय हो उठा है। शहर के मंदिरों, धर्मशालाओं, विश्रामालयों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर बाबा बर्फानी के श्रद्धालुओं का डेरा है। भगवती नगर यात्री निवास, तवी रिवर फ्रंट, पुरानी मंडी राम मंदिर सहित विभिन्न लंगरों और ठहराव स्थलों पर देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं से चहल-पहल लगी है।
हर तरफ गूंज रहे बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में रंग रहे हैं। यात्रा पर निकले श्रद्धालु अपने-अपने जत्थों के साथ मंदिरों और विश्राम स्थलों पर बाबा बर्फानी के दर्शन की प्रतीक्षा में भजन-कीर्तन और शिव नाम का जाप करते नजर आ रहे हैं। कोई रुद्राक्ष की माला फेर रहा है तो कोई भोलेनाथ के जयकारे लगाकर दूसरे श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा रहा है।
शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना हो, जहां बाबा बर्फानी के भक्त नजर न आ रहे हों। सेवा समितियां भी श्रद्धालुओं की सेवा में पूरी निष्ठा से जुटी हैं। जगह-जगह लंगरों में भोजन, चाय, पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाजारों, होटलों और परिवहन सेवाओं में भी यात्रा की रौनक साफ दिख रही है। यात्रा तीन जुलाई से है। एहसास होने लगा है कि जम्मू केवल यात्रा का प्रवेशद्वार नहीं बल्कि आस्था, सेवा और समर्पण का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। शहर की हर सड़क, हर चौक और हर पड़ाव पर गूंज रहे बम-बम भोले के जयकारे श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को नई ऊर्जा दे रहे हैं।
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अमरनाथ यात्रा आस्था और सेवा का महापर्व है। जम्मू में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जिस तरह का सेवा भाव देखने को मिल रहा है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
-मणिराम, रामेश्वरम
बाबा बर्फानी की कृपा से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यात्रा का सबसे बड़ा संदेश सेवा, सद्भाव और श्रद्धा है जो जम्मू की धरती पर हर कदम पर महसूस होता है।
-विजय गिरि, लखनऊ
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पहली बार अमरनाथ यात्रा पर आया हूं। जम्मू पहुंचते ही हर तरफ ''''''''बम-बम भोले'''''''' के जयकारे सुनाई दिए। लंगरों की व्यवस्था और लोगों का अपनापन देखकर मन श्रद्धा से भर गया।
-रामबली, चंदौली
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जम्मू में श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों में दर्शन और हर जगह मिल रही सेवा से यात्रा शुरू होने से पहले ही आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हो रहा है।
-चंद्रकला, चंदौली