अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू है। यात्रा की धूम देश-विदेश में है। भक्तों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अब तक 2 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। दूसरी ओर, साधु-साध्वियों की प्रतिदिन संख्या कम हो रही है। एक समय तो 2 हजार साधु-साध्वियों ने पंजीकरण करवाया था, मगर अब 150 से आगे आंकड़ा बढ़ नहीं पा रहा। राम मंदिर पुरानी मंडी और गीता भवन में करीब 300 साधु-साध्वियां हैं। राम मंदिर में सबसे ज्यादा 250 और गीता भवन में 50 हैं। कुछ साधुओं ने दर्शन के लिए जाना है और कई यात्रा कर चुके हैं। पहले के मुकाबले पंजीकरण में भी कमी आई है।
राम मंदिर के महंत रामेश्वर दास बताते हैं - रोज साधु-संत आ रहे हैं। पिछले सालों के मुकाबले इस बार आंकड़ा ज्यादा है। पिछले आंकड़ों को देखें तो अंतिम दिन तक कुछ साधु ही होते थे। इस बार बढ़े हैं। अभी भी 50-60 पंजीकरण हो रहे हैं। हालांकि यह संख्या पिछले दिनों के मुकाबले कम है। गीता भवन का भी यही हाल है। वहां 20-40 पंजीकरण रह गए हैं।
जटाएं कब से बना रहा हूं यह याद नहीं
एमपी से आए रामसेवक दास बताते हैं - मुझे साधु कहा जा रहा है, लेकिन लगता नहीं मैं बना हूं, क्योंकि अभी शुरुआत की है। इसके लिए काफी तपस्या करनी पड़ती है। सिर्फ हनुमान जी के साथ रहता हूं और उनके ध्यान के सिवाए न कुछ याद रहता है और न आता है। पांच बार अमरनाथ आ चुका हूं। पैदल ही जाता हूं। कपड़े और चप्पल नहीं पहनता, बस धोती लपेटता हूं। 20 साल पहले तपस्या शुरू की है। अब बाबा ने अच्छे दर्शन दिए हैं। जटाएं तो मुझे खुद भी याद नहीं है कब रखनी शुरू की थी।