देवों के देव महादेव भगवान शिव की श्री अमरनाथ यात्रा का 28 जून से आगाज होगा। इस यात्रा के शुरू होने के साथ ही पूरी रियासत भोलेनाथ के रंग में रंग जाएगी। भोले के भक्त बाबा के दर्शन के लिए उत्साहित हैं।
पवित्र गुफा में साक्षात 20 फीट के बाबा बर्फानी विराजमान हैं, जिनके दर्शन का लाखों भक्तों को सौभाग्य प्राप्त होगा। हर हर महादेव, भूखे को अन्न, प्यासे को पानी जय बाबा भोले बर्फानी के जयघोष के साथ आगामी दिनों में देशभर से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाएगा।
आधार शिविर जम्मू से 27 जून को पहला जत्था रवाना होगा, जो पारंपरिक तौर पर अगले दिन पहलगाम और बालटाल के जत्थे में शामिल होकर आगे बढ़ेगा। भोले के भक्त पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए दो ट्रैक से आगे बढ़ते हैं। इसमें एक पहलगाम और दूसरा बालटाल से रास्ता जाता है।
पहलगाम के रास्ते चंदनबाड़ी से लेकर पवित्र गुफा तक पैदल रास्ते की लंबाई 30 किमी है, जिसे दो दिन और एक रात में तय किया जाता है। बालटाल ट्रैक से एक ही दिन में दर्शन करके वापस लौटा जा सकता है।
जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पांच से छह दिन का समय लगता है। जबकि कई लोग मात्र तीन से चार दिन में ही दर्शन कर जम्मू वापस आ जाते हैं। रक्षाबंधन पर 10 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के लिए करीब दो लाख से ज्यादा यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है।
इस साल यात्रा की अवधि 44 दिन की रहेगी, जो 2013 की तुलना में 11 दिन कम है।
यात्रा अवधि के दौरान पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से रोजाना 7500-7500 श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए भेजा जाएगा। इसमें हेलीकाप्टर के जरिये पंचतरणी तक पहुंचने के बाद यात्रा करने वाले श्रद्धालु अलग से शामिल होंगे।