अमरनाथ यात्रा के शुरू होने का शिवभक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया अप्रैल के दूसरे सप्ताह से शुरू हो जाएगी। उधर, यात्रा को लेकर तैयारियां भी तेजी से जारी हैं। बालटाल बेस कैंप से पवित्र अमरनाथ गुफा तक 14 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर बर्फ हटाने का काम जारी है। दोमेल से गुफा तक जाने वाले कठिन रास्ते पर अब तक पांच किलोमीटर लंबे ट्रैक को साफ कर दिया गया है।
अमरनाथ यात्रा के इतिहास में पहली बार यात्रा के ट्रैक के रखरखाव की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) को दी गई है। अमरनाथ गुफा के पहले बेस कैंप से यात्रा की कठिन चढ़ाई शुरू होती है। यहां से गुफा तक रास्ते पर करीब 15 से 20 फुट बर्फ है, जिसे हटाने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस काम में बीआरओ के दर्जनों कर्मचारी जुटे हुए हैं। अमरनाथ गुफा तक के मार्ग पर नवीनतम तकनीक से लैस मशीनरी और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक पूरे यात्रा मार्ग से बर्फ को हटा दिया जाएगा।
बर्फ की कटाई का चल रहा काम
यात्रा मार्ग पर फिलहाल बर्फ की कटाई का काम चल रहा है। जैसे ही स्नो क्लीयरेंस का काम पूरा होगा, उसके तुरंत बाद ट्रैक की मरम्मत और उसे चौड़ा करने का कार्य किया जाएगा। ट्रैक को यात्रियों की पालकी, घोड़े वालों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए चौड़ा किया जाएगा, ताकि आवागमन में कोई दिक्कत नहीं आए। 30 जून से शुरू होने वाली यात्रा 11 अगस्त यानी रक्षा बंधन तक जारी रहेगी।