इस बार अमरनाथ यात्रा में मौसम ने शिवभक्तों का पूरा साथ दिया, केवल एक दिन ही यात्रा भूस्खलन के कारण स्थगित करनी पड़ी। डॉप्लर रडार तकनीक की मदद से समय रहते मौसम की सटीक जानकारी मिल रही है, जिससे यात्रा सुचारु रूप से चल रही है।
इस बार शिवभक्तों का मौसम ने साथ दिया है। पिछले 18 दिन से श्री अमरनाथ यात्रा में अब तक सिर्फ एक ही दिन खराब मौसम के कारण यात्रा को स्थगित करना पड़ा। पिछली यात्राओं के इतिहास में खराब मौसम के कारण कई बार यात्रा रोकनी पड़ी थी।
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जम्मू संभाग में मानसून के अधिक सक्रिय रहने से कश्मीर में इसका अधिक प्रभाव नहीं होने का लाभ श्रद्धालुओं को मिला है। मौसम की सटीक जानकारी के लिए जम्मू, बनिहाल और श्रीनगर स्थापित अत्याधुनिक डाॅप्लर रडार प्रणाली काम कर रही है।
इससे यात्रियों और बेस कैंपों में दो से तीन घंटे पहले मौसम संबंधी पूर्वानुमान जानकारी मिल जा रही है। वर्ष 2018 की यात्रा के पहले ही दिन खराब मौसम के कारण यात्रा को देरी से शुरू करना पड़ा था और पहले दिन सिर्फ 1007 श्रद्धालु ही बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंच पाए थे।
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जम्मू कश्मीर में जून के अंत या जुलाई के शुरू में मानसून दस्तक देता है। इस बार मानसून समय पर प्रदेश में पहुंचा है। इस बार गत बुधवार को यात्रा के दौरान रेलपथरी से करीब जेड मोड़ पर भूस्खलन के कारण एक दिन के लिए यात्रा को स्थगित करना पड़ा था।