श्री अमरनाथ यात्रा 2023 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने देशभर के लंगर संगठनों से पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट पर लंगरों के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके लिए लंगर संगठनों की ओर से अनुमति के लिए आवेदन भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस बीच सोमवार को अंबाला में श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन (साबलो) की आम सभा में देश के विभिन्न हिस्सों से 44 संगठनों के प्रतिनिधियों ने शामिल होकर लंगर सेवा के लिए इच्छा जताई। इसके साथ लंगर वालों की मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि इस साल श्रावण पूर्णिमा 30 अगस्त को पड़ रही है और अमूमन इसी दिन अमरनाथ यात्रा का समापन होता है। सामान्य तौर पर जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में अमरनाथ यात्रा शुरू होती रही है और अगर इस बार भी ऐसी व्यवस्था रहती है तो करीब दो माह की यात्रा में लंगर संगठनों को पूरी अवधि तक लंगर लगाने के लिए दबाव न बनाया जाए। अध्यक्ष राजन गुप्ता ने कहा कि यात्रा के शुरू के 25 से 30 दिन में ही यात्रियों का अधिक आवागमन होता है, जिसके बाद अधिक संख्या में लंगर लगाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
उन्होंने लंगर संगठनों की विभिन्न मांगों पर जोर देते हुए कहा कि यात्रा रूट पर सीसीटीवी की संख्या को बढ़ाया जाए। बोर्ड की बैठकों में लंगर और यात्रियों की सुविधाओं को सुनिश्चित बनाने के लिए लंगर प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। गुप्ता ने कहा कि लंगर प्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए सुझावों को जल्द बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में रोहतक से महेश मित्तल द्वारा सुझाए गए वार्षिक सदस्यता शुल्क को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। विजय मेहरा ने कहा कि संगठन के खातों और बैलेंस शीट को पुष्टिकरण और सत्यापन के लिए हर साल वार्षिक आम बैठक में सदस्यों द्वारा पहले प्रस्तुत किया जाएगा।
इस साल अमरनाथ यात्रियों के लिए आवास सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। इसमें जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रमुख रूप से चंद्रकोट में हजारों यात्रियों को एक साथ ठहराने की क्षमता होगी। इसके अलावा जम्मू और श्रीनगर में आवास क्षमता का विस्तार किया जाएगा।