ऑक्सीजन की कमी के चलते हो रही श्रद्धालु
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अमरनाथ यात्रा के दौरान प्रदेश के प्रवेशद्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर तक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। लखनपुर से बनिहाल तक यात्रा रूट से सटे दर्जनों चिकित्सा केंद्रों में अतिरिक्त चिकित्सा उपकरण स्थापित किए गए हैं। इसके साथ 15 आपात कक्षों को सक्रिय बनाया गया है। जिससे यात्रा के बाद भी इन केंद्रों को सक्रिय रखा जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
केंद्रों पर जीवनरक्षक उपकरण स्थापित किए गए
यात्रा के दौरान पहली बार ऐसे केंद्रों पर जीवनरक्षक उपकरण स्थापित किए गए हैं। जिला स्तर के अस्पतालों में इमरजेंसी रिकवरी ट्राली की हमेशा कमी खलती रही है। इस बार यात्रा के दौरान लखनपुर से बनिहाल तक विभिन्न केंद्रों पर बीस इमरजेंसी रिकवरी ट्राली स्थापित की गई हैं, जो यात्रा के बाद भी रहेंगी।
सांसें वापस लाने के लिए पांच डेफिब्रिलेटर लगाए गए
इसी तरह आपात स्थिति में मरीज की सांसें वापस लाने के लिए पांच डेफिब्रिलेटर लगाए गए हैं। यह मानव शरीर को शाक देकर सांसे वापस लाने का काम करता है। इसके अलावा 12 चैनल वाली पांच ईसीजी मशीनें स्थापित की गई हैं।
जिला अस्पताल उधमपुर में गेस्ट्रोस्कोपी स्थापित की गई
गांधीनगर अस्पताल जम्मू में ईएनटी माइक्रोस्कोप के अलावा अन्य केंद्रों पर 30-30 बीपी मॉनिटर, थर्मामीटर, स्टेथोस्कोप, रामबन और बनिहाल में लेबोरेटरी में विभिन्न टेस्ट के लिए एक-एक एलिजा वाशर और रीडर, सीएचसी बनिहाल और जिला अस्पताल सांबा में हाईएंड पावर बेकअप सिस्टम, जिला अस्पताल उधमपुर में गेस्ट्रोस्कोपी स्थापित की गई हैं।
यात्रियों को अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए गए
इसी तरह गांधीनगर अस्पताल जम्मू में नान कांटेक्ट टोनो मीटर (नेत्र जांच के लिए) स्थापित किया गया है। लखनपुर से बनिहाल तक गत मंगलवार तक 65132 यात्रियों/मरीजों के स्वास्थ्य जांच के साथ 42600 यात्रियों को अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
- अब तक विभिन्न चिकित्सा केंद्रों से गंभीर रूप से बीमार 43 मरीजों को मेडिकल कालेजों या दूसरे जिला स्तर के अस्पतालों में रेफर किया गया है।
जारी रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं : निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू (डीजी) डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि अमरनाथ यात्रा रूट पर लखनपुर से बनिहाल तक के चिकित्सा केंद्रों में जो स्वास्थ्य प्रबंध किए गए हैं, उन्हें भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। इसका उद्देश्य क्षेत्रवासियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाना है। इसके लिए जरूरत के मुताबिक संबंधित चिकित्सा केंद्रों पर जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं।