शिक्षक नई-नई इनोवेशन के लिए करें प्रेरित
शिक्षकों को नसीहत दी कि उनका दायित्व है कि बच्चों को बेहतर इंसान बनाएं। इसके लिए जरूरी है कि किताबी तथा क्लासरूम के बाहर की दुनिया की भी उन्हें जानकारी दी जाए। इससे उनके ज्ञान का स्तर बढ़ेगा। बच्चों को नई नई इनोवेशन के लिए प्रेरित करें। किताबों में लिखा पढ़ाना ही उनका दायित्व नहीं है। प्रतिभा को निखारना तथा तराशना उनकी जिम्मेदारी है जिससे वह सफल इंसान बन सके। साथ ही उनका व्यक्तित्व निखर सके और राष्ट्र निर्माण में उनकी सकारात्मक भूमिका सामने आए।
अभिभावकों को बच्चों की रुचि के अनुसार करियर चुनने की आजादी देने की सलाह
उप राज्यपाल ने अभिभावकों को भी सलाह दी कि बच्चों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने की छूट देनी चाहिए। उन पर कोई चीज थोपनी नहीं चाहिए और न ही किसी से तुलना करनी चाहिए। बच्चों को उसके स्वाभाविक गुणों के अनुरूप आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। यह गुण उनके अंदर कुदरत से मिलता है। निश्चित रूप से वह इसमें बेहतर करेगा। अक्सर हम बच्चों पर अपनी भावना थोपने की गलती करते हैं। इसमें यदि वह सफल नहीं हुआ तो फिर मन में आत्मग्लानि की भावना आएगी जो उसके व्यक्तित्व विकास पर नकारात्मक असर डालेगा।
व्यवस्था पर तंज, मैं भी चाहूं तो नहीं करा सकता दाखिला
एलजी ने व्यवस्था पर तंज भी कसा। कहा कि महान गणितज्ञ रामानुजम 12वीं पास नहीं थे, लेकिन हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने बुलाकर पीएचडी में उनका पंजीकरण कराया था। आज तो व्यवस्था ऐसी है कि बिना योग्यता के दाखिला नहीं हो सकता है। यदि मैं भी चाहूं तो विश्वविद्यालय में 12वीं फेल की स्नातक में दाखिला नहीं करा सकता हूं।