पांच डिपार्टमेंट को मिलाकर कुल आठ डिपार्टमेंट होंगे संचालित
श्रीमाता वैष्णोदवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के डीन अतुल सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को यदि मान्यता मिल जाती है तो यहां पर आठ डिपार्टमेंट में पढ़ाई शुरू हो सकेगी। इसमें पूर्व के डिपार्टमेंट एनॉटॉमी,फिजियोलॉजी, बॉयो केमिस्ट्री के साथ ही माइक्रोबॉयलोजी,पैथोलॉजी, फार्मेकोलॉजी,फोरेंसिक मेडिसिन,कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट नए बनाए गए हैं।
डीन ने बताया कि एनएमसी मुख्य रूप से मान्यता के लिएकॉलेज की बिल्डिंग,दी जाने वाली सेवाओं जिसमें हॉस्पिटल में बेड की संख्या,डॉक्टर,मेडिकल स्टॉफ की सुविधा की जांच करती है। साथ ही फैकल्टी में प्रोफेसर,असिस्टेंट प्रोफेसरों की संख्या कितनी है आदि की भी जानकारी लेती है। सभी सुविधाएं व कागजी कार्रवाई के बाद ही मान्यता दी जाती है। अप्रैल में होने वाले संभावित दौरे का इंतजार है जिसके बाद काफी कुछ स्थिति साफ हो जाएगी।