पीएम निधि योजना के तहत मिलने वाले ऋण का लाभ शहर के सभी वेंडरों को नहीं मिल पाएगा। मौजूदा समय में शहर में पांच हजार से ज्यादा रेहड़ी वाले हैं और योजना के तहत पंजीकरण सिर्फ एक हजार का हो पाया है। जम्मू शहर में रेहड़ी जोन की कमी के कारण नगर निगम को पंजीकरण अभियान भी बीच में ही रोकना पड़ा है।
शहर में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ सात रेहड़ी जोन हैं, वहां भी पहले से रेहड़ी वाले सामान बेच रहे हैं। बाकी वेंडरों के लिए रेहड़ी जोन नहीं होने से समस्या आ रही है। शर्तों के मुताबिक योजना के लाभ के लिए नगर निगम को पंजीकृत वेंडरों को रेहड़ी जोन में बिठाना होगा है, तभी योजना का लाभ मिलेगा।
बता दें, लॉकडाउन के दौरान स्ट्रीट वेंडर को भी काफी आर्थिक नुकसान झेलन पड़ा है। केंद्र सरकार ने इन्हें राहत देने के लिए दस हजार रुपये तक लोन देने की योजना बनाई है, ताकि वह अपना कारोबार फिर से चला सकें। इसके लिए निगम की तरफ से इनका पंजीकरण अभियान शुरू किया गया था लेकिन शहर में रेहड़ी जोन की कमी के चलते पंजीकरण को रोकना पड़ा है।
शहर में रेहड़ी चालकों के लिए रेहड़ी जोन की जरूरत है। इतने ही वेंडर का पंजीकरण किया जा रहा है, जिन्हें मौजूदा रेहड़ी जोन में जगह दी जा सके। ज्यादा पंजीकरण होने पर परेशानी आ सकती है। शहर में रेहड़ी चालकों की तादाद बढ़ने से जाम जैसी स्थिति बन सकती है। -सुधीर बाली, एसीआर, एमसी