कश्मीर में शांति लाने के मकदस से रविवार को दिल्ली से सर्वदलीय समिति श्रीनगर पहुंची। समिति के लोगों ने विभिन्न क्षेत्रीय संगठनों से बातचीत की। वहीं अलगाववादी नेताओं ने समिति से बातचीत करने की पेशकश ठुकरा दी है।
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सर्वदलीय समिति में शामिल चार सांसदों ने अलगाववादियों से मिलकर बातचीत की पहल की। लेकिन अलगाववादी नेताओं ने मौजूदा परिस्थितियों में मुलाकात करने से मना कर दिया।
सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, जद यू के शरद यादव तथा राजद के जयप्रकाश नारायण एसकेआईसीसी से निकलकर हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। पर गिलानी ने इनसे मिलने से मना कर दिया। गिलानी के घर के बाहर सांसदों के खिलाफ नारेबाजी की गई।
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सांसदों ने हुर्रियत के नरमपंथी नेता मीरवाइज उमर फारूक, जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक व जेके डेमोक्रेटिक लिबरेशन फ्रंट के नेता शब्बीर शाह से भी मिलने की कोशिश की पर बात नही बनी। सर्वदलीय समिति में शामिल सांसद ओवैसी ने चश्मे शाही सब जेल में मीरवाइज उमर फारूक से मुलाकात की। पर यह मुलाकात भी दो से तीन मिनट ही हुई।
कश्मीर हिंसा पर नहीं निकला कोई ठोस समाधान
कांफ्रेंस हाल में मौजूद सर्वदलीय समिति के सदस्य
- फोटो : PTI
वहीं शांति मिशन के तहत केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में घाटी पहुंचे दिल्ली के दूत कोई उम्मीद जताने में नाकाम रहे।
डल किनारे एसकेआईसीसी में सर्वदलीय समिति ने विभिन्न राजनीतिक पार्टियों, सामाजिक संगठनों तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से मिलकर कश्मीर में शांति बहाली तथा समस्या के समाधान का प्रयास किया। मुलाकात के बाद कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने निराशा जताई है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ भी समिति की कश्मीर हिंसा पर बैठक हुई। समिति ने राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ भी राज्य के हालात पर चर्चा की।
सोमवार को दोपहर बाद समिति जम्मू में तीन घंटे तक विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेगी। सर्वदलीय समिति से नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, पीडीपी, भाजपा, डीपीएन (डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट), पीडीएफ (पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट), शिवसेना, पीपुल्स रिपब्लिकन पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मिला।
इनके अलावा कारगिल, गुज्जर बक्करवाल तथा फ्रूट ग्रोवर्स एसोसिएशन ने भी मुलाकात कर कश्मीर हिंसा तथा इससे हो रहे नुकसान की जानकारी दी।
उमर ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : PTI
सर्वदलीय समिति से एक घंटे की मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर को लेकर दिल्ली के नजरिए पर निराशा और नाराजगी जताई। कहा कि दिल्ली की कोशिशें साख खो चुकी हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि आल पार्टी डेलीगेशन के आने से पहले माहौल तैयार करने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही। सरकार के पास कोई राजनीतिक रोडमैप नहीं है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सर्वदलीय समिति के साथ बैठक में फिर से सभी पक्षकारों से बिना शर्त बातचीत पर जोर दिया। महबूबा ने अलगाववादियों को पत्र लिखकर बातचीत का न्योता दिया था। उन्होंने कहा कि वे सभी विचार धारा के लोगों के साथ बातचीत का माहौल तैयार कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
श्रीनगर पहुंचे कांग्रेस नेता ने गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमें उम्मीद है कि समिति का दौरा सफल रहेगा और जल्द घाटी में शांति बहाल होगी।
सरकार के मुख्य विरोधी माने जाने वाले निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद भी समिति से मुलाकात के लिए कांफ्रेंस सेंटर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे जनमत संग्राह की शर्त पर ही बातचीत को तैयार हैं।