आतंकी बुरहान की मुठभेड़ में मौत के बाद से जारी हिंसा की जमीनी हकीकत जानने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में सर्वदलीय समिति रविवार सुबह श्रीनगर पहुंची। समिति विभिन्न संगठनों के साथ बैठक करके समस्या का समाधान खोजेगी। प्रतिनिधिमंडल में अरुण जेटली, अनंत कुमार आदि वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर में विभिन्न संगठनों से प्रतिनिधि समिति के लोगों से मुलाकात की। घाटी के ज्यादातर क्षेत्रीय दल के नेता कांफ्रेंस हाल पहुंचे और बातचीत में शामिल हुए।
वहीं बैठक के बाद डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि दरवाजे सभी के लिए खुले हैं अगर अलगाववादी चाहें तो सर्वदलीय समिति से मुलाकात कर सकते हैं हालांकि उनकी ओर से अभी अलगाववादियों से बातचीत का कोई प्लान नहीं है।
श्रीनगर पहुंचे कांग्रेस नेता ने गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमें उम्मीद है कि समिति का दौरा सफल रहेगा और जल्द घाटी में शांति बहाल होगी।
मालूम हो कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान भी कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से बातचतीत होती रही है।
उमर ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
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वहीं शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर में समिति से मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीडीपी-भाजपा की विचारधारा अलग है, यही वजह से घाटी में शांति बहाली में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
2010 में भी सर्वदलीय समिति श्रीनगर आई थी लेकिन उसने यहां पर किए एक भी वादे पूरे नहीं किए जिस वजह से आज कोई सर्वदलीय समिति से बातचीत नहीं कर रहा।
वहीं जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि सरकार के पास जब कोई रोड मैप ही नहीं है तो वो कश्मीर में शांति कैसे बहाल कर पाएगी। हमने गृहमंत्री को सभी पक्षों से बातचीत करने का सुझाव दिया है।
महबूबा ने अलगाववादियों को भेजा था न्योता
लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती
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सर्वदलीय समिति के घाटी पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं को बातचीत का न्योता दिया था। उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए समाज के सभी वर्गों के साथ बात होनी चाहिए।
देश के राजनीतिक नेतृत्व को अब बिना देर किए हुर्रियत कांफ्रेंस सहित समाज के सभी वर्गों को बातचीत में शामिल करना चाहिए ताकि मामले का हल निकल सके और जम्मू-कश्मीर में हकीकत में शांति बहाल हो सके।
सीपीआई-एम के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि पेलेट गन को हटाकर मिर्ची बम लाए जाने जैसी विश्वास पैदा करने वाली घोषणाएं जम्मू कश्मीर में की जानी चाहिए।