फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

JK में मौसब खराब, वैष्णो देवी सेवा प्रभावित

विज्ञापन
विज्ञापन
बेमौसम बारिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। खराब मौसम से मंगलवार को फिर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मार पड़ी। हाईवे में फंसे हजारों वाहनों को कछुआ चाल की तरह श्रीनगर की ओर आगे बढ़ना पड़ा। बटोत और रामबन के बीच पीड़ा सहित अन्य कई हिस्सों पर राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने से हाईवे पूरी तरह से खुल नहीं पाया है।
विज्ञापन


कई जगह जाम लगने से यात्री परेशान रहे। खराब मौसम से श्री माता वैष्णो देवी यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा भी प्रभावित रही। कठुआ जिले के दर्जनों संपर्क मार्ग ठप पड़े हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश के आसार हैं।

नौ अप्रैल से मौसम साफ होने की उम्मीद है। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा से मंगलवार सुबह चापर ने सांझी छत के लिए कुछ उड़ाने भरीं। लेकिन बाद में बारिश होने पर चापर सेवा बंद कर दी गई। मंगलवार देर शाम तक ग्यारह हजार यात्री ही पंजीकृत हुए थे।
विज्ञापन


जबकि कक्ष के बंद होने को डेढ़ घंटा शेष था। इससे पहले सोमवार को सोलह हजार यात्रियों ने भवन में माथा टेका था। बारिश शुरू होने के कुछ दिन पहले जहां भक्तों की औसतन संख्या बीस हजार से अधिक थी। लेकिन बारिश ने इस आंकड़े को पंद्रह हजार से नीचे तक सीमित कर दिया है।

आधा दर्जन गांव में भूस्खलन

जम्मू से सुबह 6-8 बजे तक श्रीनगर के लिए वाहनों को छोड़ा गया। लेकिन बटोत और रामबन के बीच पीड़ा में सड़क के एक हिस्से के बैठ जाने और नाशरी में राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने से गाड़ियां रुक रुक कर आगे बढ़ती रहीं। एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार हाईवे कई जगह क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।

हाईवे पर फंसे करीब ढाई हजार वाहनों को निकाला गया और मंगलवार शाम तक भी 400-500 वाहनों को पीड़ा से निकालने का काम चल रहा था। बुधवार को श्रीनगर से जम्मू के लिए वाहनों को छोड़ा जाएगा। इस बीच बनी-बसोहली, बनी-भद्रवाह और बनी ढग्गर मार्ग का संपर्क कटा रहा। महानपुर कसबे से सटी धमलाड से न्याली और धार-महानपुर से कैलड़ी सड़क मार्ग पर यातायात ठप है। हाईवे पूरी तरह से न खुलने के कारण जम्मू बस स्टैंड पर पांच सौ यात्री फंसे हुए हैं। पुंछ जिले की मंडी तहसील के गांव बेदार, बलनई और पलेरा में मंगलवार की सुबह भूस्खलन की चपेट में आ गए। इसमें बलनई गांव में तीन घर गिर गए। परिवार पूरी तरह सुरक्षित है। प्रशासन ने तीनों गांवों के 21 घरों को तुरंत खाली करा दिया है। गांव के तकरीबन 108 लोगों को सरकारी इमारतों में ठहराया गया है। तहसील के करीब आधा दर्जन गांव में भूस्खलन हो रहा है। राजोरी और पुंछ जिले में मूसलाधार बारिश और पीर पंजाल के पहाड़ों पर बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित किया है।

जम्मू का पारा दस डिग्री लुढ़का

मौसम के उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मंगलवार को दिनभर हुई बारिश से जम्मू का पारा सामान्य से दस डिग्री नीचे गिर गया। घाटी में श्रीनगर सहित अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट आई है। अगले चौबीस घंटों में अधिकांश हिस्सों में बारिश की भविष्यवाणी से पारा गिरने की संभावना है।

इस बीच माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस के साथ कारगिल राज्य में सबसे सर्द चल रहा है। जम्मू में मंगलवार की सुबह की शुरुआत हलकी बारिश से हुई और दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम में अचानक आए बदलाव से जम्मू में मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दस डिग्री नीचे गिरकर 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान में भी गिरावट के साथ 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले चौबीस घंटों में जम्मू में 12.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में भी अधिकतम तापमान गिरकर 17.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। यहां न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

कटड़ा में सबसे अधिक 16.4 मिलीमीटर बारिश हुई। श्रीनगर में 0.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। श्रीनगर में भी अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री गिरकर 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में अधिकतम 12.4 और न्यूनतम 3.6, लेह में अधिकतम 10.6 और न्यूनतम 0.5, गुलमर्ग में न्यूनतम 2.5 तापमान रहा।

बस स्टैंड में 500 के करीब यात्री फंसे

खराब मौसम के कारण बस स्टैंड में यात्रियों के रुकने का सिलसिला बंद नहीं हो पा रहा है। श्रीनगर, रामबन, डोडा, किश्तवाड़ सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले मुसाफिरों को दो दिन से बस स्टैंड में इंतजार करना पड़ा है। मंगलवार की सुबह 6 बजे से 8 बजे तक दो सौ के करीब मुसाफिरों को डोडा, किश्तवाड़ और गंदोह रवाना किया गया।

बावजूद मौजूदा समय में बस स्टैंड में 500 के करीब मुसाफिर फंसे हैं, जिन्हें खराब मौसम के कारण परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण बस स्टैंड में मुसाफिरों के फंसने का सिलसिला जारी है। पिछले एक माह से मौसम के खराब होने या थोड़ा सुधरने का सिलसिला जारी है।

इस तरह से कई बार नेशनल हाईवे बंद होने के कारण लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बस स्टैंड में मौजूदा समय में श्रीनगर, डोडा, किश्तवाड़, गंदोह आदि जगह पर जाने वाले करीब पांच सौ मुसाफिर फंसे हैं। इनमें अधिकतर लोग गरीब तबके हैं, जो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में मेहनत मजदूरी करके घरों को लौट रहे हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बस स्टैंड में ही खाना पकाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बूढ़े, बच्चे और महिलाएं भारी-भरकम सामान के साथ प्लेटफार्म में रात गुजारने को मजबूर हैं। बस स्टैंड पुलिस के मुताबिक रहने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों की ओर से संदेश मिलने पर वाहनों को बस स्टैंड से छोड़ने के लिए भी प्रयासरत हैं।
विज्ञापन

बारिश से सड़कों पर हुआ जलभराव

दिनभर हुई बारिश के कारण शहर की हालत बदतर हो गई। बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। शहर की सारी गंदगी सड़क पर आ गई। दो पहिया और पैदल चलने वाले लोगों को खासी दिक्कतों से गुजरना पड़ा है। इसके साथ ही सड़क पर बने गड्ढों से हादसों की आशंका रही।

शहर के कनाल रोड, डोगरा चौक, बीसी रोड, बस स्टैंड, सतवारी, वेयर हाउस, एसआरटीसी वर्कशाप और नेहरू मार्केट सहित शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ। बड़े वाहनों के नजदीक से गुजरने पर छोटे वाहन और राहगीर गंदे पानी से डरते रहे। इसके साथ ही कनाल रोड और ज्यूल चौक छोटे-छोटे गड्ढों ने विशाल रूप से ले लिया।

जिस कारण हरेक वाहन के लिए वहां से गुजरना जोखिम भरा रहा। बहुत सारे लोग इन गड्ढों में गिरते हुए बाल-बाल बचे। सड़क पर तेज गति के कारण फिसलन के कारण कई लोग जख्मी हुए। जिन्हें खासी परेशानियों से गुजरना पड़ा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें