रबी की फसलों के लिए दाम तय, बरसीन के 81 और धान के देने होंगे 607 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। सरकार नौ साल बाद फिर से किसानों से फसलों का आबियाना वसूलेगी। इसके लिए राजस्व विभाग की ओर से दाम तय कर दिए हैं। इसमें बरसीम के लिए 81 और धान की फसल के लिए 607 रुपये देने होंगे। वहीं, सरकार ने किसानों को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए किस्तों में आबियाना जमा करने की अपील की है।
राजस्व विभाग की तरफ से किसानों से आबियाना वसूलने की प्रक्रिया जनवरी माह से शुरू की है। 2015 में भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के समय किसानों से आबियाना लेना बंद कर दिया था। 2022 में यूटी प्रशासन ने नोटिफिकेशन जारी कर किसानों को आबियाना जमा करवाने के निर्देश दिए थे। उस समय किसानों का कहा कि वह सात साल का आबियाना जमा करवाने में असमर्थ हैं। इतनी बड़ी रकम जमा करना बेहद मुश्किल है। लेकिन अब फिर जनवरी 2024 से राजस्व विभाग की तरफ से किसानों से आबियाना बसूलने की प्रकिया शुरू कर दी गई है।
विभाग बोला, आबियाना जमा करवाना ही होगा, किस्तों में दें
राजस्व विभाग का कहना है कि किसानों को 2015 से लेकर अब तक का आबियाना जमा करवाना ही पड़ेगा। किसान उसे किस्तों में जमा करवा सकते हैं। एक बार में ही जमा करवाने की जरूरत नहीं है।
राजस्व विभाग की ओर से जारी रबी के फसल के लिए आबियाना के दाम
विभाग तरफ से रबी की फसल का आबियाना इस प्रकार हैं। प्रति एकड़ मवेशियों के चारे के लिए बरसीन के 81 रुपये, सब्जियों के 81 रुपये, गेहूं की फसल के 61 रुपये, सरसों के 61 रुपये और लिफ्ट सिंचाई के साथ गन्ना, चावल और बगीचा के 121 रुपये, चारे के 61 रुपये, लिफ्ट सिंचाई पर गेहूं और बरसीन के 303 रुपये, सब्जियों के 364 रुपये, सरसों के 182 रुपये, धान के 607 रुपये और चारे के 154 रुपये तय किए गए हैं।