अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू एयरपोर्ट का विस्तार चल रहा है। इस पर 861 करोड़ रुपये खर्च होने है। मगर जमीन अधिग्रहण का काम दो साल में पूरा नहीं हो पाया। इसे लेकर प्रशासन ने चिंता जताई है। वहीं, भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए मंडलायुक्त रमेश कुमार के नेतृत्व में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है, जिसे नवंबर के पहले हफ्ते में अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देनी है।
वर्तमान में प्रतिदिन 30 से 32 विमानों का संचालन हो रहा है। नया सिविल एन्क्लेव बनने से यात्रियों की संख्या प्रतिवर्ष 40 लाख होने के साथ ही विमानों की संख्या 50 से ज्यादा तक हो जाएगी। एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण होने से जम्मू संभाग में पर्यटन के साथ उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। नया टर्मिनल बेलीचराना की तरफ बनेगा। पशुपालन विभाग की कुछ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन दो साल से ज्यादा समय होने के बाद भी काम नहीं हो पाया। इसके चलते अब सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव संजीव वर्मा ने मंडलायुक्त रमेश कुमार के नेतृत्व में छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी को नवंबर के पहले हफ्ते में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इस बारे में मंडलायुक्त का कहना है कि एयरपोर्ट के लगभग सभी मामले निपटा दिए हैं। पशु पालन विभाग की जमीन का कुछ इश्यू है, जिसे जल्द हल कर लिया जाएगा।
ऐसा होगा एयरपोर्ट
जम्मू एयरपोर्ट में एक सिविल एन्क्लेव और 56693 स्क्वेयर मीटर में नया टर्मिनल बनेगा। 36 चेक इन काउंटर, छह एयरोब्रिज, एप्रन, 16 सेल्फ चेक-इन कियोस्क, 11 सुरक्षा जांच लेन और 13 कोड सी विमान की पार्किंग के लिए एक एप्रन बनेगा। एयरपोर्ट टर्मिनल की नई बिल्डिंग पांच स्टार रेटिंग के तहत सभी आधुनिक सुविधाओं से लेस होगी।