अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हजारों फुट की ऊंचाई से तिरंगा लेकर कूदते पैराशूटर, हेलिकॉप्टरों की गड़गड़हाट के बीच उतरते पैरा कमांडो और गरज के साथ हवा से बातें करते भारतीय वायुसेना के विमान यह किसी युद्ध की तैयारी नहीं थी बल्कि एयर शो था। हर तरफ तालियों की गूंज देशभक्तों का जोश बढ़ा रही थी। पराक्रम और शाैर्य का अनूठा मेल भारत की ताकत बता रहा था। खराब मौसम के बीच लोगों का उत्साह कम नहीं हो रहा था। ऐसा नजारा वायुसेना स्टेशन में शुक्रवार को दिखा, जहां वायुसेना ने बता दिया कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर कदम पर तैयार है। दुश्मन देश अपने नापाक इरादों से बाज आ जाए।
इतनी बादलों की गर्जना नहीं था जितनी जहाजों की सुनाई दे रही थी। कई लोगों ने घर की छतों पर जाकर हैरतअंगेज करतब का लुत्फ उठाया, साथ ही भारत माता की जय के जयघोष लगाए। जम्मू कश्मीर के भारत में विलय होने के 76 वर्ष पूरे होने पर एयर शो करवाया गया। सुबह साढ़े 9 बजे से पहले ही शहरवासी सतवारी एयरफोर्स स्टेशन में पहुंचे गए। पहचान पत्र देखकर अंदर जाने की अनुमति दी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों को कुर्सियों पर बिठाया गया। मगर भीड़ ज्यादा होने के चलते कई लोगों ने खड़े होकर शो का आनंद उठाया। खराब मौसम के चलते शो करीब 15 मिनट देरी से शुरू हो गया। बीच-बीच में बारिश होती रही।
धुंधले आसमां पर काले बादलों के बीच वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम, जम्मू वायुसेना के गरुड़ कमांडो, आकाश गंगा टीम के पैराशूटर ने करतब दिखाकर हजारों लोगाें को दंग कर दिया। हालांकि कार्यक्रम की अवधि को कम करना पड़ा क्योंकि बारिश शुरू होने वाली थी। इसके बावजूद टीमों का जोश कम नहीं हुआ। उन्होंने कम समय में ही अपने पूरे करतब दिखाए। कार्यक्रम अभी खत्म नहीं हुआ था कि तेज बारिश शुरू हो गई। इस वजह से सूर्य किरण टीम के विमान समय से पहले लौट आए। इनके रुकने पर लोग विमान तक पहुंच गए और सेल्फी लेने लगे। मगर सुरक्षा के चलते सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को पीछे भेज दिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने टीमों को सम्मानित किया।
दो हजार फुट की ऊंचाई से कूदे पैराशूटर
कार्यक्रम की शुरुआत में 2 हजार फुट की ऊंचाई से नौ पैराशूटर कूदे। आकाश गंगा टीम के पैराशूटर में नौ कमांडों ने पैराशूट के जरिये तिरंगा फहराया। हेलिकॉप्टर से लटक कर गरुड़ कमांडो ने वीरता का मिसाल कायम की। रस्सी से नीचे उतर कमांडो ने देखते ही आसपास के इलाके को घेरकर पोजिशन ले ली और बताया कि आतंकी हमला, प्राकृतिक आपदा या फिर किसी अन्य आपदा आने पर वे ऐसे बचाव कार्य चलाते हैं। कमांडो के नीचे उतरने और काम पूरा करने के बाद एक बख्तरबंद वाहन लेने आया। सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने हवा से बातें कीं। इसके साथ टीम के शो की संख्या 6 हजार पहुंच गई। टीम में नौ पायलट हैं जो पूरे विश्व में करतब दिखाते हैं। सूर्य किरण टीम के पायलटों ने बताया कि किस तरह से लड़ाकू विमानों के पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है। एक एक कर उड़ान भर रहे विमान आसमां पर जाकर एक क्रम में आ गए और संचालन का नायाब नमूना पेश किया। एशिया में सूर्य किरण एकमात्र टीम है जो हवा में करतब दिखाती है।
तालियां की रही गूंज, बैंड ने सुनाई देशभक्ति की धुन
एयर शो में एक-एक करतब दिखाने पर जमकर तालियां बजी। लोगों की निगाहें आसमान पर रहीं। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने देशभक्ति के जयघोष लगाए। हर एक करतब पर रोमांचित हुए। वायुसेना का एक बैंड भी एयर शो का अहम हिस्सा रहा, जिसकी देशभक्ति की धुन ने मौजूद लोगों के भीतर जज्बा पैदा कर दिया।