जम्मू तथा कश्मीर में आई बाढ़ में फंसे लगभग तीन लाख लोगों को सेना तथा नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) ने सुरक्षित निकाला। हालांकि, एयरफोर्स ने आपरेशन खत्म कर दिया है, लेकिन आन काल सहायता अब भी उपलब्ध है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में बचाव व राहत कार्यों की स्टेटस रिपोर्ट पेश कर यह जानकारी दी। राहत तथा बचाव कार्यों को लेकर दाखिल पीआईएल की सुनवाई के दौरान दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना ने 224 बोट के साथ 288 कालम जवानों को बाढ़ पीड़ित इलाकों में लगाया था।
बाढ़ में फंसे तीन लाख लोगों को सेना, एनडीआरएफ ने बचाया-
अब तक 2.08 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। एनडीआरएफ की 22 टीमें लगीं थीं। 148 बोट की मदद से एनडीआरएफ के 955 जवानों ने 50815 लोगों को बचाया।
एनडीआरएफ की दस टीमें अब भी कश्मीर में हैं। एनडीआरएफ की ओर से चार मेडिकल कैंप भी श्रीनगर में लगाए गए हैं जिसमें 7000 पीड़ितों को चिकित्सकीय मदद दी गई।
गृह मंत्रालय के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सीआरपीएफ ने कश्मीर के बाढ़ पीड़ित इलाकों से 28 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला। एयरफोर्स ने 53 हजार लोगों को विभिन्न हिस्सों से एयरलिफ्ट किया।
इसमें अकेले श्रीनगर से 28 हजार लोगों को निकाला गया। एयरलाइंस की ओर से श्रीनगर और लेह से 35 हजार लोगों को जम्मू तथा दिल्ली पहुंचाया गया।
अब तक एयरफोर्स ने राहत तथा बचाव कार्य में 2900 उड़ानें भरीं हैं। कोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि रेलवे ने उधमपुर तथा जम्मू स्टेशन से 52 हजार लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा।