- रोजाना दो से तीन हजार मरीजों के पहुंचने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एम्स विजयपुर में अमरनाथ यात्रा के साथ ओपीडी सेवा शुरू करने की योजना है। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की तरफ से एम्स की तैयारियों का निरीक्षण करना प्रस्तावित है। एम्स में ओपीडी शुरू होने पर रोजाना दो से तीन हजार मरीजों के पहुंचने की उम्मीद है, जिससे उसी के मुताबिक सारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें वॉकिंग (खुद चलकर आने वाले मरीज), ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट और रेफरल मरीजों को देखा जाएगा। हालांकि प्रधानमंत्री गत फरवरी में जम्मू में एक कार्यक्रम में एम्स का औपचारिक उद्घाटन कर चुके हैं। 29 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है।
एम्स में 50 विभाग स्थापित किए गए हैं। इसमें 30 सामान्य (जनरल) और 20 सुपर स्पेशियलिटी हैं। पहले चरण में ओपीडी सेवा के साथ लेबोरेटरी सेवा शुरू की जाएगी, जिसके साथ करीब आधे सामान्य विभाग शुरू होंगे। एम्स में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए नाइट शेल्टर की सुविधा स्थापित की गई है, लेकिन इंडोर भर्ती शुरू होने पर ही तीमारदारों को इसका लाभ मिलेगा। तीमारदारों को सामान्य दरों पर खाना मुहैया करवाने के लिए कुछ एनजीओ से एम्स प्रशासन ने बात की है।
1400 स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया
एम्स विजयपुर में ओपीडी शुरू करने के लिए लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एम्स में मरीजों की आमद को देखते हुए उसी के हिसाब से सारे प्रबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए संकाय सहित करीब 1400 स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है।
- डाॅ. शक्ति गुप्ता, निदेशक, एम्स विजयपुर
एम्स अवंतिपोरा के 2025 में पूरा होने की उम्मीद
जम्मू। केंद्र सरकार ने एम्स विजयपुर (जम्मू) के साथ वर्ष 2019 में 1828 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अवंतिपोरा (कश्मीर) एम्स को मंजूरी दी थी। इस परियोजना में करीब 57 भवनों का निर्माण किया जाना है। इसमें एक अस्पताल, छात्रावास, आवासीय क्वार्टर, खेल मैदान, औषधीय बगीचे आदि शामिल हैं। लेकिन अभी तक 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। इस परियोजना को जनवरी, 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें भूमि अधिग्रहण पर कानूनी विवाद, अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पैदा हुई स्थिति, आसपास के सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े मुद्दे, प्रतिकूल मौसम की स्थिति और कोविड-19 शामिल है। यह संस्थान कश्मीर में अपनी मौजूदा क्षमता में 1000 बिस्तर जोड़ेगा, जिसमें 300 सुपर स्पेशियलिटी बिस्तर शामिल हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 100 छात्रों की क्षमता वाला एक मेडिकल कालेज और 60 छात्रों की क्षमता वाला एक नर्सिंग कालेज शामिल है।