बागवानी विभाग की मोडिफाइड हाई डेंसिटी प्लांटेशन योजना के तहत दो बागवानों ने ट्रायल पर सेब की फसल के दो ब्लॉक लगाए। यह प्रयोग न सिर्फ सफल हुए हैं, बल्कि सेब की बागवानी में रुचि रखने वाले युवाओं को भी दोनों प्रेरित कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त 72 वर्षीय प्रेमनाथ और सेना से ऑनरेरी कैप्टन पद से रिटायर स्वर्ण सिंह के बगीचे सेब की बंपर फसल से हैरत में डाल रहे हैं। दोनों ही बागवानों ने मार्च 2021 में सेब के 75-75 पौधे लगाए थे। बागवानी विभाग की मोडिफाइड हाई डेंसिटी प्लांटेशन योजना के तहत ट्रायल पर यह दो ब्लॉक लगाए गए।
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यह ट्रायल न सिर्फ सफल हुए हैं, बल्कि सेब की बागवानी में रुचि रखने वाले युवाओं को भी प्रेरित कर रहे हैं। दोनों ही ब्लॉक में सेब की बंपर फसल हर किसी को हैरान कर रही है। सेवानिवृत्त कैप्टन स्वर्ण सिंह ने बताया कि पंचैरी ब्लॉक की कुल्टयार पंचायत में उनके पास बंजर भूमि थी, जिसे उन्हें समतल करवाया।
बागवानी विभाग की मदद से एम-9 रूट स्टॉक पर सेब की उन्नत किस्मों के 75 पौधे लगाए। उनका प्रयोग बेहद सफल रहा है। उनका अनुमान है कि दो कनाल जमीन पर पौधे लगाए जाएं तो यह पहले ही वर्ष दो से तीन लाख रुपये की आय का साधन हो सकते हैं।
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वह अब और पौधे लगाने की सोच रहे हैं। वहीं, बागवानी विकास विभाग के प्रतिनिधि संजीव सिंह ने बताया कि पंचैरी के मीर में मास्टर प्रेमनाथ और कुल्टयार में कैप्टन स्वर्ण सिंह के ब्लॉक में कुल 150 पौधे लगाए गए थे। हाई डेंसिटी का प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा है। बागवानी विभाग की ओर से और भी किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।