सांबा गेंहु की फस्ल को समेटते किसान
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सांबा। इन दिनों किसानों की गेहूं की फसल तैयार है। बादल देखते ही किसान चिंता में डूब जाते हैं। मंगलवार को दिन भर बादल बने रहे। शाम को कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी होने से किसानों की धड़कन भी तेज हो गई।
किसान राम पाल, कृष्ण चंद, बालक राम, बलवीर सिंह आदि ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल पक कर तैयार है। कोरोना के चलते श्रमिक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में कंबाइन मशीनें भी क्षेत्र में नहीं पहुंची हैं। इसके चलते किसान गेहूं की फसल को समेटने में परेशान हैं। बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। पहले ही समय पर बारिश नहीं हुई। गेहूं की फसल कमजोर पड़ गई थी। अब तैयार गेहूं की फसल को बारिश बरबाद कर देगी। यही उन्हें चिंता सता रही है।
बादल देख किसान हो रहे चिंतित
घगवाल (सांबा)। गेहूं फसल के किसान उमड़ते घुमड़ते बादल देख कर चिंतित हो रहे हैं। कुछ किसानों ने फसल काटना शुरू कर दिया है, लेकिन जब किसान आसमान की तरफ देखते हैं तो बादल किसानों की चिंता बढ़ा देते हैं। किसानों में भय है कि कहीं बारिश हो गई तो उनके पूरे साल की मेहनत बारिश के साथ बह जाएगी।
किसान बलबीर चंद, देसराज शर्मा, कुमेर सिंह ने बताया कि अगर बारिश होती है तो उनको काफी हानि होगी। उन्होंने कहा कि पहले समय रहते बारिश नहीं होती। उसके बावजूद भी अगर गेहूं की फसल बची है, तो अब हर रोज छाए बादल उनकी चिंता बढ़ा रहे हैं। किसान बलबीर ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल की कटाई थोड़ी हो चुकी है। कुछ शेष है, लेकिन बादलों के छाने से उन्हें डर लग रहा है कि कहीं बारिश हो गई तो उनकी फसल बरबाद हो जाएगी।