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ड्रिल सीड मशीन से गेहूं की बिजाई करने संबंधी किसानों जागरूक किया

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अखनूर..... जिला विकास परिषद के सदस्य पंडित सुरेश शर्मा
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आरएस पुरा। किसानों को गेहूं की ड्रिल सीड मशीन से बिजाई करने के बारे में जागरूक करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के काफी संख्या में किसान शामिल हुए।
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कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि कंबाइन मशीन से धान की कटाई करने के बाद किसान ड्रिल सीड मशीन की मदद से गेहूं की बिजाई करें। कंबाइन मशीन से धान की कटाई करने के बाद किसानों को पराली जलाने की भी जरूरत नहीं है। मशीन से बिजाई करने से खेतों में पराली खाद का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि किसान इस मशीन की मदद से गेहूं की बिजाई बेहतर तरीके से कर सकते हैं। डॉ. पुनीत चौधरी ने बताया कि आरएस पुरा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों को गेहूं की बिजाई के बारे में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जागरूक किया गया है। उन्हें बताया गया है कि किसान मशीन के माध्यम से खेतों में गेहूं की बिजाई बेहतर तरीके के साथ कर सकते हैं।
मशीन में ही खाद व बीज डाला जाता है और पंक्तियों में बीज मशीन के माध्यम से लगता है। इस मौके पर किसान सतपाल मांडी, सेवा राम, रामलाल थापा, पूर्व सरपंच स्वर्ण लाल आदि ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगातार किसानों को गेहूं की बिजाई करने वाले जागरूक करने पर केवीके का आभार जताया।
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डीडीसी सदस्य ने ऑर्गेनिक क्लस्टर का किया शुभारंभ
अखनूर। डीडीसी सदस्य सुरेश शर्मा ने ब्लॉक मैरा मेंदरिया के गांव घड़गाल में कृषि विभाग की तरफ से ऑर्गेनिक (जैविक) क्लस्टर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 50 हजार की लागत वाली मक्की निकालने वाली थ्रेशर मशीन पंचायत मैरा मेंदरिया को समर्पित की।
सुरेश शर्मा ने कहा कृषि विभाग की तरफ से यह अच्छी पहल है। आज के समय में खेती के उपयोग में लाई जाने वाली यूरिया, दवाइयां व अन्य कीटाणुनाशक चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जिसका असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे बीपी, शुगर, जैसी बीमारियां लगती हैं। ऑर्गेनिक खेती से हम अपनी खाद तैयार करके इन सब चीजों से बच सकते हैं। इस क्लस्टर की अवधि लगभग 3 वर्ष की होगी, जिसमें कृषि विभाग की तरफ से समय-समय पर पेस्टिसाइड्स फर्टिलाइजर व अन्य चीजें मुफ्त मुहैया कराई जाएंगी। इस मौके पर एसडीओ सुरेंद्र भट्ट, डॉ. रामलाल, सरपंच रशपाल शर्मा, तरलोचन दत्त, एईई योगेश मेहता, गारू राम, रामलाल शर्मा, जितेंद्र सिंह, डॉ. राकेश खजूरिया, मंडल महामंत्री मास्टर चंचल सिंह नायब सरपंच ओम प्रकाश, उत्तम सिंह, पंच पूर्णचंद, सिकंदर लाल, अजय कुमार, लक्ष्मण दास शर्मा, चमन लाल कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएपी की किल्लत से बढ़ी किसानों की मुश्किलें
परगवाल। ओलावृष्टि और बारिश से धान की फसल को हुए नुकसान से किसान अभी तक उबर नहीं पाए हैं। वहीं मौजूदा समय डीएपी की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी है। क्योंकि किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद नहीं मिल रही है।
किसान अभी तक गेहूं की रोपाई नहीं कर पाए हैं। स्थानीय किसान मदन सिंह ने बताया कि जब भी फसल की बुआई सीजन की शुरूआत होती है तभी खाद की किल्लत शुरू हो जाती है। इस साल भी किसानों को डीएपी खाद की किल्लत के चलते समय पर फसल बिजाई का मौका नहीं मिल रहा है। हालांकि इससे पहले कुछ किसानों को डीएपी की खाद मिल गई थी, जिन्होंने बिजाई कर दी है, लेकिन ज्यादातर किसान अभी भी डीएपी का इंतजार कर रहे हैं। दूसरे किसान मूलराज का कहना था कि उनको बिजाई के लिए दूसरे किसानों के खेतों के बीच होकर गुजरना पड़ता है। वहीं जिन किसानों को पहले खाद मिल गई थी, उन्होंने अपनी बिजाई कर दी है, लेकिन अब उनको बड़ी परेशान खाद के साथ-साथ अपने खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने की आ रही है। अब वह अपने खेत में ट्रैक्टर कैसे ले जाएंगे।
वहीं सीमावर्ती किसानों ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार ऐसे कदम उठाए, जिससे रोपाई के समय किसानों को खाद की किल्लत न हो, जिससे समय पर वह गेहूं की बिजाई शुरू करें।
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