मधुमख्शी पालन से करे आय में इजाफा : रीन
- किसान भवन में दो दिवसीय वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर सेमिनार
- सरकारी योजनाओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं हैं। किसान-बागवान योजनाओं का लाभ उठाए और मधुमक्खी पालन कर आर्थिकी सुदृढ़ करें। यह बात किसान भवन जम्मू में वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय यूटी स्तरीय सेमिनार के शुभारंभ मौके पर निदेशक एसएएस रीन ने कही।
उन्होंने मधुमक्खी पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी कहा। जम्मू संभाग सहित कश्मीर घाटी में भी मधुमक्खी पालन हो रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें रुझान लें। उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर भी विस्तृत जानकारी दी और लाभ लेने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से किसानों-बागवानों की आर्थिकी को बढ़ाया जा रहा है। कम खर्चे पर मधुमक्खी पालन शुरू किया जा सकता है।
सहायक कीट वैज्ञानिक जम्मू राजेश वर्मा ने किसानों और मधुमक्खी पालकों को सेमीनार का उद्देश्य समझाया। उन्होंने कहा कि सेमीनार के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जाएगा। किसान फसलों के साथ-साथ मधुमक्खी पालन भी करें। इस मौके पर तकनीकी सत्र का संचालन विशेषज्ञों द्वारा किया गया। इसमें स्काॅस्ट जम्मू के सेवानिवृत्त डीपी अबरोल, डाॅ. देविंद्र कुमार, संपर्क अधिकारी मशरूम एवं मधुमक्खी पालन डाॅ. अश्वनी शर्मा, विकास पाधा, डाॅ. आदिल रशीद, दीपक सिंह, डाॅ. विशाल रैना ने भी अपने विचार रखे। सेमिनार में संयुक्त निदेशक विस्तार मुकेश वर्मा, अलोक पंडोत्रा और 200 से ज्यादा किसानों ने भाग लिया।