रियासत के किसानों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें एक ही छत के नीचे कृषि से जुड़ी हर वस्तु मिलेगी। मार्केट की तुलना में इसके दाम भी कम होंगे। कृषि विभाग राज्य के हर जिले में एग्रीकल्चर माल बनाने जा रहा है। श्रीनगर में इसका निर्माण कर दिया गया है। अन्य जिलों में अब काम शुरू होने जा रहा है।
राज्य के सभी 22 कृषि विज्ञान केंद्र भी इससे जोड़े जाएंगे। कृषि विश्वविद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। किसानों को कृषि का सीधा लाभ देने की कोशिश की जा रही है। साथ ही कृषि उत्पाद को भी एक बेहतर प्लेटफार्म देने की कोशिश है। लोग एक ही छत के नीचे सभी तरह के कृषि उत्पाद खरीद सकते हैं।
यहां किसान सीधा उत्पाद लाएंगे और सीधा बेचेंगे। कृषि विभाग के आयुक्त सचिव, असगर सामून का कहना है कि बहुत जल्द इसका काम शुरू हो जाएगा। सभी जिलों के कृषि हेडक्वार्टर में यह बनाए जाएंगे।
जानिए, क्या होगा इस माल में
कृषि में इस्तेमाल होने वाली सभी तरह की मशीनरी इस माल में उपलब्ध रहेगी। ट्रैक्टर, ट्राली, औजार, सभी तरह का स्पेयर पार्ट होगा। मेकेनिकल वर्कशाप होगी। नई और आधुनिक तकनीकी की मशीनरी के सैंपल होंगे। इन सैंपलों को पसंद कर किसान आर्डर कर सकेंगे।
मशीनरी चलाने के लिए बाकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी तरह के कीटनाशक, खाद, फल, सब्जियों के बीज उपलब्ध होंगे। ताजा सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट के शोरूम होंगे। इनके दाम भी मार्केट की तुलना में कम होंगे।
यूनिवर्सिटी और केवीके भी जुड़ेंगे
इन एग्रीकल्चर माल को कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र से भी जोड़ा जाएगा। माल में मिलने वाली मशीनरी इन दोनों जगहों पर तैयार होगी। जो माल में बेची जाएगी। आयुक्त सचिव असगर सामून का कहना है कि दोनों में वैज्ञानिक नई तकनीक का इस्तेमाल कर मशीनरी तैयार करेंगे।