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चुनौतियों पर चिंतन करने की जरूरत

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आरएस पुरा। स्कास्ट-जम्मू के पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशु पालन विभाग की तरफ से इंटरनेट के माध्यम से ‘कोविड -19 और पशु-पालन’ पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। देश भर से 300 से ज़्यादा पशु वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक एवं छात्रों ने सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन की शुरुआत करते हुए डॉक्टर रमेश कुमार शर्मा, प्रोफेसर, पशु-पालन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
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मुख्य अतिथि उप कुलपति, स्कास्ट-जम्मू डॉ. जे.पी शर्मा ने कहा कि लॉक डाउन की वजह से पशु-पालकों को दो-तरफा नुकसान हुआ है। एक तरफजहां आपूर्ति शृंखला में रुकावटें आईं, वहीं दूसरी ओर अफवाहों के चलते मांग में भी कमी आई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इन चुनौतियों पर चिंतन करने को कहा और पशु पालन को भविष्य में इस तरह के हालत से बचाने के लिए योजना बनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन में डॉक्टर दिनेश भोंसले, निदेशक दक्षिण एशिया, एबी विस्टा डॉक्टर अमित शर्मा, निदेशक (आयात), भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली और डॉक्टर यशपाल सिंह मलिक, राष्ट्रीय फेलो, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं प्रधान वैज्ञानिक, आईवीआरआई बरेली ने प्रमुख वक्ता के रूप में भाग लिया। सम्मेलन में कोविड-19 के सभी पहलुओं पर चर्चा के साथ-साथ इसके जानवरों में फैलने की संभावनाओं पर भी परिचर्चा की गई। इसमें कश्मीर से डॉक्टर अल्ताफ भट, लुधियाना से डॉक्टर मुदित चंद्रा, बरेली से डॉक्टर सोनालिका महाजन एवं चेन्नई से डॉक्टर गुलाम मोहम्मद ने भाग लिया।
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सम्मेलन का समापन करते हुए पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशु पालन संकाय के अधिष्ठाता डॉक्टर एम.एस भलवाल ने कहा कि समय आ गया है कि चिकित्सकों और पशु-वैज्ञानिक को इस बीमारी और इस तरह की अन्य चुनौतियों से लड़ने के लिए मिलकर काम करना होगा। सम्मेलन के अंत में आयोजन सचिव डॉक्टर अंकुर रस्तोगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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