जम्मू। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू (स्कास्ट-जे) ने शुक्रवार को 21 वां स्थापना दिवस चट्ठा स्थित बाबा जीतो आडीटोरियम में धूमधाम से मनाया। इस मौके पर राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और विद्वानों को शिक्षा, अनुसंधान और इसके आउटरीच कार्यक्रमों में उत्कृष्टता के लिए मेहनत करनी चाहिए। इस समय कुशल कृषि विज्ञान स्नातकों और स्नातकोत्तर की आवश्यकता है। इस तरह के आयोजन वैज्ञानिक और विश्वविद्यालय के छात्रों को राज्य के कृषक समुदाय के कल्याण के लिए उत्कृष्टता के उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कुलपति स्कास्ट जम्मू डॉ. केएस रिसम ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य पारिस्थितिक और आर्थिक रूप से स्थायी आधार पर उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाकर किसानों की खाद्य और घरेलू सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्कास्ट-जे को जम्मू और कश्मीर राज्य के पूर्ववर्ती स्कास्ट से 20 सितंबर 1999 को क्षेत्र विशिष्ट मानव संसाधन, कृषि प्रौद्योगिकी और इसके अंत में अंतरण के लिए बनाया गया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्र और नीति अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के प्रो. डॉ. प्रताप सिंह बिरथल ने भारत की कृषि-खाद्य नीति की चुनौतियों और संभावनाओं में लेन-देन पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। इस मौके पर छात्र कल्याण स्कास्ट-जे डीम डॉ. राजेश कटोच डीन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।