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आंधी से धान की फसल को भारी नुकसान

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ज्यौड़ियां में बारिश से प्रभावित हुई धान की फसल।
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ज्यौड़ियां। खौड़ और ज्यौडियां क्षेत्र में वीरवार को चली आंधी और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की बासमती धान की फसल जमीन पर लेट गई है। ज्यादा नुकसान बासमती की धान को हुआ है। इससे किसानों के चेहरों पर नुकसान की चिंता दिखाई दे रही है।
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किसान व नायब सरपंच कुलबीर सिंह ने बताया कि सुबह बारिश के साथ क्षेत्र में दस मिनट तक ओले भी गिरे, जब ओले गिरना शुरू, तो कुछ समय तक हम किसानों की सांसे अटक गई कि पता नहीं अब क्या होगा। वहीं फसल के नुकसान के बारे में पलांवाला निवासी किसान ठाकुर सिंह, प्रभात सिंह तथा नवीन चौधरी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में अधिक आंधी चली है। एलओसी के साथ लगती पलांवाला से हमीरपुर तक की कई एकड़ फसल खराब हो गई है। गांव हमीरपुर निवासी किसान बलवान सिंह, सरपंच व किसान पठान सिंह निवासी पगांली ने बताया कि सुबह से दोपहर तक चली आंधी से उनकी धान की फसल जमीन पर गिर गई। इससे फसल को काफी नुकसान हो गया है। किसान गिरधारी लाल ने बताया कि इस बार हमें फसल की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी, लेकिन आंधी ने हमारी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
हाड़ी क्षेत्र में ओले व बारिश से ठंड की आहट
संवाद न्यूज़ एजेंसी
आरएस पुरा। मौसम के बदले मिजाज के बीच पहाड़ों में भारी हिमपात और मैदानों में हल्की बारिश के चलते सर्दी की आहट। प्रदेश में पहाड़ी इलाके बर्फ से लकदक हो गए हैं। तेज हवाओं के मध्य बारिश के चलते सर्दी की आहट की खेतों में खड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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पहाड़ों में हुई बर्फबारी व बारिश के चलते लोग अब गर्म कपड़े पहना आरंभ कर रहे हैं। किसान धर्मपाल का कहना है कि पहले से ही किसानों को समय पर नहरी पानी की पूर्ति न होने पर धान की फसल बेहतर गुणवत्ता ठीक नहीं रही। अब बारिश के चलते खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है । किसान किशन लाल व योगराज का कहना है कि अगर ओलावृष्टि होती है तो इससे भी धान की फसल झड़ने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है ।
बिश्नाह में बारिश के साथ ओले गिरे
किसानों की धान और सब्जियों की फसल को नुकसान की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। क्षेत्र में वीरवार सुबह जहां पहले तेज हवा चली, उसके बाद हुई तेज बारिश और ओले गिरने से जहां क्षेत्र में ठंड बढ़ गई। वहीं इस बेमौसम बारिश और ओले से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। ज्यादातर नुकसान धान की फसल जो कि क्षेत्र में ज्यादातर पुरानी बासमती 307 वैरायटी किसानों ने लगाई थी, जिसकी पकाई की समय रोपाई के 120 दिन के बाद होती है। उसे कई जगह नुकसान पहुंचा है।
ज्यादा नुकसान उन किसानों की फसलों को पहुंचा है, जिन्होंने बासमती एडवांस लगाई थी। जिन्होंने बासमती थोड़ी सी लेट लगाई उनको कम नुकसान पहुंचा है। वही मक्खनपुर गांव में आलू की फसल 20 बारिश और ओलों की चपेट में आई है। सरोर गांव जहां काफी संख्या में किसान सब्जियों की खेती करते हैं वहां पर गोभी की फसल गांठ गोभी की फसल पालक इत्यादि सब्जी की फसलों को तेज इस बारिश और ओलों से नुकसान हुआ है। किसान मायूस हैं, वही किसान पप्पू वैध ने बताया कि उनकी पिछले साल भी धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। इस बार भी हमारी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है लगातार हम कब तक यह नुकसान भुगत पाएंगे। राज्य प्रशासन किसानों की नुकसान हुई फसलों का मना करने के बाद उनका कुछ मुआवजे का इंतजाम करें, ताकि किसानों को भी कुछ फायदा पहुंच सके अन्यथा किसान खेती करना छोड़ देगा
वहीं चक अवतारा के किसान बलवीर कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में इस बार काफी किस्मों की धान की फसलों की वैरायटी, जिनमें 17 18 1121 307 118 यह सभी हमने अपने खेतों में लगाई थी हमने परंतु बारिश है हमें काफी नुकसान पहुंचा है। यह लगातार कुछ साल से बेमौसम की बारिश से लगातार हमारी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है जिसे हम कितनी देर तक झेल पाएंगे। किसान देवराज भुट्टो ने बताया कि उन्होंने जो धान की फसल लगाई थी, 307 बासमती जिसको इस बारिश में खराब कर दिया है। ज्यादातर दाने पौधों से झड़ गए हैं।
बारिश से मौसम में आया परिवर्तन
अखनूर। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते मौसम में परिवर्तन आ गया है। तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई है। वीरवार को हुई बारिश के चलते लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का समाना करना पड़ा।
वीरवार को सुबह ठंडी हवा चलने के बाद बारिश शुरू हो गई, जो शाम तक जारी रही। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज होने पर ठंड बढ़ गई। लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। वहीं किसानों की धान सहित अन्य फसलों की चिंता बढ़ गई। किसानों का कहना है कि बारिश से फसल को काफी नुकसान होने की संभावना है, जबकि धान की फसल तैयार है। संवाद
परगवाल में बारिश और ओले ने बढ़ाई किसानों की चिंता
परगवाल। क्षेत्र में वीरवार सुबह हुई बारिश और ओलावृष्टि ने सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौजूदा समय धान की फसल पकने के कगार पर है। कुछ किस्म लगभग पक कर तैयार खडी़ है, जिसको लेकर किसान कटाई शुरू करने की सोच रहे थे। बिन मौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं। हालांकि बारिश और ओलावृष्टि इतनी ज्यादा तो नहीं हुई, लेकिन इससे धान की खडी़ फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय किसान मोहन लाल का कहना था कि कुदरत पर निर्भर रहने वाला किसान हमेशा कुदरत का ही शिकार हुआ है। इस समय धान की फसल को अच्छी धूप की दरकार थी, लेकिन बिन मौसम के हो रही बारिश से वह काफी चिंतित हैं। गांव सरवाल के रघुवीर सिंह का कहना था कि उनकी फसल लगभग पक कर तैयार खड़ी थी। बारिश और ओलावृष्टि से उनकी फसल को नुकसान होने की आशंका है, जिसको लेकर वह चिंतित हैं। संवाद
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