ज्यौड़ियां। गेहूं की फसल को समेटने के बाद अब क्षेत्र के किसान धान की पनीरी बीजने, खेतों को समतल करने और किनारों की सफाई करने में जुट गए हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी किसानों में चिंता है कि कोरोना में कैसे धान की रोपाई की जाएगी।
किसानों के अनुसार बीते साल कोरोना के चलते लॉकडाउन में खेतीबाड़ी करने में उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ था। इस साल भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि बाजार से खेतीबाड़ी संबंधी समान जैसे बीज, कीटनाशक आदि की खरीदारी करने में उन्हें डर लग रहा है कि कहीं बाजार जाने से कोरोना संक्रमण न हो जाए। लॉकडाउन के चलते धान लगाने वाले मजदूरों का पहुंचना इस बार भी मुश्किल लग रहा है। इसलिए धान लगा पाना इस बार बहुत बड़ी परेशानी है।
इस विषय में किसान और नायब सरपंच कुलबीर सिंह ने बताया कि धान की रोपाई करने में दिक्कतें आ सकती हैं। क्योंकि लंबे अर्से से किसान मजदूरों पर निर्भर चल रहे हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूर ही धान लगाते हैं और वही काटते हैं। किसान और पूर्व पंच नारायण सिंह ने बताया कि लगभग बीस साल पहले किसान खुद ही धान की रोपाई करते थे। जब क्षेत्र में दूसरे राज्यों से मजदूरों ने आना शुरू किया तो धीरे-धीरे सभी लोग मजदूरों पर निर्भर हो गए। किसान अशोक कुमार ने बताया कि अगर इस बार भी मजदूर नहीं पहुंचते हैं तो खेतीबाड़ी में दिक्कतें आ सकती हैं।