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Jammu News: खेती के नुकसान की सर्वे रिपोर्ट होगी क्रॉस चेक

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-बाढ़ से प्रभावित फसलों की फिर पैमाइश शुरू, खेतों मे जा रहीं कृषि व राजस्व टीमें
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-प्रदेश व केंद्र सरकार को एक सप्ताह में भेजनी होगी फाइनल रिपोर्ट, इसी से तय होगी मुआवजा राशि
-1.53 लाख हेक्टेयर में से 1.45 लाख हेक्टेयर में खेती हुई है बर्बाद
सतीश वालिया
जम्मू। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के किए गए आकलन का अब क्रॉस चेक होगा। कृषि और राजस्व विभाग की टीमों ने फाइनल सर्वे शुरू कर दिया है। रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर प्रदेश और केंद्र सरकार को सौंपनी होगी। इसके बाद किसानों के लिए मुआवजा तय होगा।
कृषि विभाग ने इससे पहले आकलन रिपोर्ट राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को भेजी थी। अब टीमें खेतों में जाकर इसी रिपोर्ट से मिलान कर फाइनल रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके लिए टीमें खेतों में जाकर किसानों से मिल रही हैं। प्रभावित जमीनों की पैमाइश की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवरात्र में जम्मू के दौरे पर आने की भी चर्चाएं हैं। इसलिए रिपोर्ट जल्द सौंपने की तैयारी है।
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कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में 1.53 लाख हेक्टेयर में खेती थी। इसमें से 1.45 लाख हेक्टेयर में बाढ़ और बादल फटने से फसलें बर्बाद हुई हैं। 36 हजार हेक्टेयर जमीन में मलबा जमा हो गया है। 9 हजार हेक्टेयर भूमि में पत्थर आ गए हैं और कई जगह भूमि बह गई है। अब करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि पर ही गेहूं की खेती होने की संभावना है। ऐसे में किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बीते सप्ताह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर का दौरा नुकसान का जायजा लिया था। उन्होंने कृषि विभाग को रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। इससे पहले की सर्वे रिपोर्ट में छह लाख से ज्यादा किसानों को मुआवजा देने के लिए एसडीआरएफ से 135 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। अब फाइनल रिपोर्ट के हिसाब से मुआवजा स्वीकृत होगा।

जम्मू संभाग में सबसे ज्यादा नुकसान
जम्मू संभाग में जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़ सहित कई जिलों में खेती ज्यादा प्रभावित हुई है। पहाड़ी इलाकों में खेतों में भूस्खलन से पत्थर व मिट्टी जमा हो गई है। समतल इलाकों में रेत व मलबा आ गया है। इससे धान की फसल पूरी तर दब गई है। जम्मू, सांबा और कठुआ जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां सबसे ज्यादा नुकसान बासमती की फसल को हुआ है।
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कोट
पहले किए नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट एसडीआरएफ को भेजी जा चुकी है। अब कृषि और राजस्व टीमें जाकर क्रास चेक कर फाइनल रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। इसे प्रदेश व केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसी रिपोर्ट के हिसाब से किसानों को मुआवजा मिलेगा।
- अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग
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