खौड़ में पानी के लिए प्रदर्शन करती महिलाएं।
ज्यौड़ियां। खौड़ के गांव चमारकी में एक सप्ताह से जलापूर्ति न होने के कारण गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को जल शक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण इस भीषण गर्मी में उन्हें पानी के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका गांव एक कंडी क्षेत्र में स्थित है। जहां के लगभग 50 घरों को ठंडी चोई के डगवैल से परनी की आपूर्ति की जा रही थी। उनका आरोप था कि कुछ लोगों ने विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से उनके गांव को जलापूर्ति करने वाली पाइप से कनेक्शन ले लिए, जिसके नतीजे प्रेशर कम होने के चलते उनके गांव में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई। उनका कहना था कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के अलावा डीडीसी से भी शिकायत की गई, परंतु उनकी समस्या जस की तस बनी रही। पंच रेनु कुमारी का कहना था कि जब डगवेल की पाइप को विशेष रूप से चमैरकी गांव में जलापूर्ति के लिए लगाया गया था, तो फिर उसमें से कोई अन्य व्यक्ति जबरन कनेक्शन कैसे ले सकता है? उन्होंने कहा कि गांव के अधिकतर निवासी दिहाड़ीदार मजदूर हैं जो मेहनत-मजदूरी करके किसी प्रकार अपना गुजर बसर कर रहे हैं, उन लोगों के लिए हजार-पंद्रह सौ रुपए खर्च कर पानी खरीदना दूर की कौड़ी है। वहीं उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके गांव को आने वाली पानी की मुख्य पाईप से यदि अवैध कनेक्शन नहीं हटाए गए तो वह सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएंगे तथा इसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।