तीन दिनों के बाद मंगलवार दोपहर जम्मू-कटड़ा रेलवे ट्रैक बहाल हो गया। इस ट्रैक के बहाल होने पर जहां रोजाना यात्रा करने वाले सरकारी कर्मचारियों या व्यापारियों को राहत मिली, वहीं डीएमयू जो दिन में तीन फेरे कटड़ा के लिए लगाती है, उसमें पहले के मुकाबले यात्रियों की भीड़ अभी नजर नहीं आई।
जम्मू रेलवे स्टेशन से सुबह पौने आठ बजे और दोपहर 12:10 बजे कटड़ा को जाने वाली डीएमयू में भीड़ नहीं रही। शाम को कटड़ा जाने वाली तथा कटड़ा से पठानकोट जाने वाली ट्रेन जम्मू में देरी से पहुंची और इसमें कुछ यात्रियों की भीड़ रही। कटड़ा से जम्मू डीएमयू करीब 55 मिनट देरी से आई और शाम को छह बजे पठानकोट को रवाना हुई।
कटड़ा से आने वाली इस डीएमयू में यात्री की संख्या ज्यादा रही, जबकि पठानकोट से कटड़ा के लिए रवाना हुई ट्रेन जम्मू में प्लेटफार्म नंबर तीन पर सायंकाल 5:40 मिनट पर पहुंची तथा करीब पांच बजकर पचपन मिनट पर कटड़ा के लिए रवाना हुई। जम्मू में यह ट्रेन करीब 25 मिनट लेट पहुंची।
स्टेशन पर मौजूद रेलवे अधिकारियों तथा कर्मियों का मानना है कि तीन दिनों तक जम्मू रेलवे ट्रैक बाधित रहा, जिससे यात्रियों को यह पता भी नहीं चला होगा कि यह ट्रैक चला या नहीं। दूसरा मुख्य कारण यह भी हो सकता है कि पूरे जम्मू कश्मीर में बाढ़ ही बाढ़ है, लिहाजा कटड़ा जाने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है।
श्रीशक्ति ट्रेन भी जम्मू से रात बारह बजकर 35 मिनट पर गई है, जबकि जम्मू मेल, मालवा तथा संपर्क क्रांति भी समय पर उधमपुर के लिए जम्मू से रवाना हुई।