चिनाब का पानी रोककर पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के बाद अब भारत चार ऐसी निर्माणाधीन पनबिजली परियोजनाओं में तेजी लाने की तैयारी में जुटा है, जो पड़ोसी देश के रुख के कारण लंबित थीं। उद्योग से जुड़े एक सूत्र व सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है कि भारत जून 2026 से अगस्त 2028 के बीच इन परियोजनाओं को शुरू कर सकता है।
निर्माण में तेजी के लिए कई दौर की बैठकें
भारतीय उद्योग स्रोत ने बताया कि पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर में परियोजनाओं के संबंध में बिजली मंत्रालय के साथ विभिन्न निजी और सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों की कई बैठकें हुईं। इन सभीपरियोजनाओं का निर्माण भारत की सबसे बड़ी सरकारी पनबिजली कंपनी एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन लि.) कर रही है। हालांकि, मामला संवेदनशील होने के कारण आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
उड़ी-2 प्रोजेक्ट के लिए अब झेलम से मिलेगा भरपूर पानी
सिंधु जल संधि स्थगित करने के बाद अब उड़ी-2 प्रोजेक्ट के लिए एनएचपीसी को झेलम से भरपूर पानी मिलेगा। तकनीकी खामियों के कारण पहले यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा था, पर अब रास्ता साफ हो गया है। सिंधु जल संधि होने के कारण भारत झेलम, सिंध और चिनाब के 20 फीसदी पानी का ही इस्तेमाल कर पा रहा था। 80 फीसदी पानी पाकिस्तान को जा रहा था।