पिछले दिनों रियासत के दौरे पर आए पार्टी महासचिव राम माधव की रिपोर्ट के बाद पूरी भाजपा को दिल्ली तलब कर लिया गया है।
आगामी 12 जुलाई को पार्टी सुप्रीमो अमित शाह राज्य के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को और बेहतर ढंग से चलाने तथा सरकार की सहयोगी पाटर्नर होने के नाते स्वच्छ एवं पारदर्शी सरकार देने की रणनीति तय करेंगे।
डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह सहित सभी मंत्री, विधायक, एमएलसी तथा राज्य के पदाधिकारी दिल्ली बुलाए गए हैं। हालांकि, भाजपा का दावा है कि राज्य में संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर बैठक बुलाई गई है।
राज्य में सरकार बनने के बाद से पीडीपी के साथ तमाम मुद्दों पर मतभेद उभरने के साथ ही भाजपा के मंत्रियों के खिलाफ भी विरोध के स्वर पार्टी में उभरने लगे हैं। विधायकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों पर मनमानी करने तथा उनकी बातों को तवज्जो न देने का आरोप लगाया।
संघ को संतुष्ट करने की कवायद
राम माधव के समक्ष भी लोगों ने यह मुद्दा खुलकर रखा। साथ ही मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा में भी कई के काम पर राम माधव ने नाखुशी जताई थी। राम माधव ने पूरी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी। साथ ही संघ तक भी यह रिपोर्ट पहुंची। इसके बाद से पार्टी के भीतर यह चर्चा होने लगी कि मंत्रिमंडल से कुछ मंत्रियों के पत्ते जल्द कट सकते हैं।
ऐसे तीन मंत्री चिह्नित किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि शुरूआती दौर में ही भाजपा मंत्रियों के लचर प्रदर्शन से चिंतित पार्टी नेतृत्व ने नकेल कसने की रणनीति के तहत ही दिल्ली बुलाया है ताकि संघ को सरकार तथा मंत्रियों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट किया जा सके।
भाजपा प्रवक्ता अरुण गुप्ता का कहना है कि आगामी कार्यक्रमों तथा संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है ताकि शीर्ष नेतृत्व के माग दर्शन में रियासत में संगठन को विस्तार दिया जा सके।
समीक्षा बैठक से ठीक पहले बुलाया गया
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के 14 जुलाई को जम्मू में सरकार के कामकाज की समीक्षा के कार्यक्रम से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाए जाने को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व राज्य की टीम के साथ वार्ता कर यह आश्वस्त कर लेना चाहता है कि भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत का मौका न मिले।