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मसर्रत के बाद होगी आतंकी फकतू की रिहाई

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अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई पर उठा बवाल अभी शांत भी नहीं हुआ कि एक अन्य आतंकी आशिक हुसैन फकतू की रिहाई की चर्चा होने लगी है। मुफ्ती मोहम्मद सईद यदि अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए फकतू की रिहाई करते हैं तो रियासत में पीडीपी और भाजपा के गठबंधन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
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इतना ही नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी इन कदमों को पार्टी की राष्ट्रवाद की विचारधारा के विपरीत बताया है। शनिवार को नागपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और संघ के नेताओं से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मिले थे। इस दौरान आरएसएस ने इस मामले में सावधानीपूर्वक कदम उठाने को कहा और किसी तरह के समझौते से परहेज करने के निर्देश दिए।

अलगाववादियों की रिहाई पर सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में एकबार फिर आतंकवाद बढ़ने की चिंता जताई है। उनका कहना है कि एक ओर सुप्रीम कोर्ट में इन नेताओं की रिहाई के खिलाफ केंद्र संघर्ष चल रहा है, वहीं रियासती सरकार उनकी रिहाई के लिए अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रही है, जो उचित नहीं है।
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इससे पहले उमर अब्दुल्ला ने भी इस तरह के प्रस्ताव को नकार दिया था। मुख्यमंत्री के कदम से सहयोगी पार्टी भाजपा भी सकते में आ गई है।
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कैदियों की रिहाई पर कोई समझौता नहीं

पार्टी के नेताओं का कहना है कि दोनों दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) बनाने के दौरान राजनीतिक कैदियों की रिहाई पर सिर्फ चर्चा हुई थी, लेकिन इस मामले पर कोई समझौता नहीं हुआ था और न ही इसे सीएमपी में शामिल किया गया था। भाजपा के तमाम नेता कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाने से पहले न तो उनसे बातचीत की और न ही पार्टी को विश्वास में लिया।

बता दें कि कुछ दिन पहले फकतू ने रियासत में मुस्लिम आबादी बढ़ाने के लिए जेल से ही अपने समर्थकों को संदेश दिया था। फकतू ने फतवा जारी करते हुए कहा था कि, सरकार रियासत में मुस्लिमों को अल्पसंख्यक बनाना चाहती है। कश्मीर में बहुसंख्या में रहने के लिए फकतू ने ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की बात कही थी।

कौन है आशिक हुसैन फकतू?
कश्मीर घाटी में सबसे ज्यादा समय तक जेल में सजा काटने वाले शख्स आशिक हुसैन फकतू पर मानवाधिकार कार्यकर्ता एचएन वांचू की हत्या का आरोप है। इस्लामिक संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के पूर्व शीर्ष कमांडर फकतू को उम्र कैद की सजा मिली है और पिछले 22 सालों से जेल में कैद है। अलगाववादी और दुख्तारन-ए-मिल्लत की प्रमुख साइदा आशिया अंद्राबी के साथ विवाह करने वाले फकतू की अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
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