तीन पुलिसकर्मियों को अगवा करने और फिर उनकी हत्या किए जाने के मामले में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया है कि तीन और पुलिसकर्मी आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। हम सब इस पर शोक, गुस्सा, हैरानी व सांत्वना व्यक्त करेंगे। दुर्भाग्य से इससे मृतकों के परिवार को कोई शांति नहीं मिलती।
महबूबा ने अगले ट्वीट में लिखा कि, पुलिसकर्मियों के अपहरण की बढ़ती घटनाओं से ये साफ होता है कि केंद्र सरकार की बल प्रयोग करने की नीति काम नहीं आ रही है। इसका हल अब सिर्फ बातचीत ही नजर आता है।
आतंकियों की इस हरकत को पंचायत चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आतंकी नहीं चाहते कि राज्य में पंचायत चुनाव हो। यही वजह है कि पंचायत चुनाव की घोषणा के मात्र 24 घंटे के अंदर चार पंचायत घरों को आग लगा दी गई थी जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। ऐसे में इस तरह पुलिसकर्मियों का गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल है।