जम्मू हाई कोट् मे वकीलो की हडताल काम काज ठप रखा हु्आ
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जमीनों की रजिस्ट्री का अधिकार न्यायिक अधिकारियों की जगह राजस्व अधिकारियों को देने पर वकीलों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान कर दिया है। सरकार के इस फैसले को वापस लेने तक वकीलों ने अनिश्चितकालीन काम ठप रखने का निर्णय लिया है। वकीलों ने रजिस्ट्री के साथ हाईकोर्ट को मौजूदा स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने का भी कड़ा विरोध किया है। शुक्रवार को जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने अनिश्चितकालीन काम ठप रखने का फैसला किया।
बार एसोसिएशन के प्रधान अभिनव शर्मा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों वकीलों की रोजी रोटी पर संकट छा गया है। न्यायिक व्यवस्था से रजिस्ट्र्रेशन को एग्जीक्यूटिव के पास शिफ्ट कर दिया गया है। इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार बढ़ेगा बल्कि वकीलों की आय भी नहीं बचेगी। पहले ही यह एक सीमित राज्य है। केंद्र शासित प्रदेश बनने से अब केंद्र का एक्ट लागू होगा। जिसके तहत रजिस्ट्रेशन एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पास होता है। बार एसोसिएशन के उप प्रधान रोहित भगत का कहना है कि इससे वकीलों की आय पर व्यापक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन भले ही एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेटों के पास रहे लेकिन रजिस्ट्र्र्रेशन अदालत परिसर में ही होना चाहिए। यहां पर पहले से सारी सुविधाएं हैं। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट अदालतों में ही बैठें। कोई भी रजिस्ट्रेशन करें लेकिन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अदालत परिसर में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जानीपुर से हाईकोर्ट को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर रही है। इससे भी वकीलों को नुकसान होगा। जब तक रजिस्ट्री वापस हाईकोर्ट परिसर में नहीं आती और हाईकोर्ट को शिफ्ट करने का फैसला वापस नहीं होता, वकील काम ठप रखेंगे। एसोसिएशन के महासचिव अभिषेक वजीर का कहना है कि लिटिगेशन पहले ही बहुत सीमित है। रजिस्ट्रेशन शिफ्ट होने से तो वकीलों का काम ही खत्म हो जाएगा। आम लोगों पर भी असर पड़ेगा। वह इस मामले को हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के समक्ष रखेंगे।