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Jammu News: भूमि की नीलामी वैध या अवैध, वक्फ बोर्ड के प्रशासक कर रहे जांच

Sun, 19 May 2024 05:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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पुराने ठेकेदार ने दोबारा जमीन की नीलामी करने की मांग उठाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अरनिया में वक्फ बोर्ड की ओर से हाल ही में 7 कनाल 19 मरले पर की गई जमीन की नीलामी का मामला वक्फ बोर्ड के एडमिनिस्ट्रेटर तक पहुंच गया है। वक्फ बोर्ड का दिया गया ठेका वैध या अवैध है, इसका पता लगाने में जम्मू वक्फ बोर्ड के एडमिनिस्ट्रेटर आबिद हुसैन खुद संज्ञान ले रहे हैं।

गौरतलब है कि अरनिया के काशीपुर क्षेत्र में वक्फ बोर्ड ने क्षेत्र के फील्ड असिस्टेंट फरीद की मौजूदगी में 7 कनाल 19 मरले जमीन की नीलामी पुराने ठेकेदार को बिना बुलाए ही कर दी थी। इसके चलते ठेकेदार गुलदेव राज ने जमीन की बोली में हेराफेरी होने की बात कही थी। ठेकेदार ने फील्ड अस्सिटेंट फरीद पर जमीन की नीलामी बिना सूचना दिए करने के आरोप लगाए थे। इसके अलावा असिस्टेंट फील्ड फरीद ने क्षेत्र के नंबरदार तरसेम लाल चौधरी को बोली होने के बाद जमीन में बुलाया और हस्ताक्षर करने के लिए कहा था। इस पर नंबरदार तरसेम लाल चौधरी ने कोरे कागज पर हस्ताक्षर देने के लिए मना कर दिया था। वहीं गुलदेव राज ने जम्मू-कश्मीर वक्फ के दफ्तर में न्याय की लगाई थी। इसमें साफ तौर पर उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को ठेका दिया गया है। उनका जमीनी विवाद पहले से ही उनके साथ चल रहा है। जिसके बाद उन्होंने शिकायत की एक अर्जी दायर की थी। जिसमें दोबारा से जमीन की नीलामी करने के लिए कहा गया था।
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नीलामी की फाइल मंगवाकर वह खुद चेक कर रहे हैं। नीलामी में किसी प्रकार की कोताही तो नहीं बरती गई है। नीलामी के दौरान बोली देने वाले एक ही परिवार और आपस में रिश्तेदार पाए जाते हैं, तो दोबारा से जमीन की नीलामी पूरे मापदंड के अनुसार की जाएगी।
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आबिद हुसैन, एडमिनिस्ट्रेटर वक्फ बोर्ड जम्मू

मामला वार्ड से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार जम्मू वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े होते हैं। लिहाजा वक्फ बोर्ड के आला अधिकारियों को इस मुद्दे पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। पीड़ितों के साथ न्याय होना चाहिए। अन्यथा लोग प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
कैलाश चंद्र सैनी, पूर्व पार्षद
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