अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में श्रमिकों के साथ व्यवहार की निगरानी बढ़ेगी। प्रशासनिक अधिकारी होटलों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों व परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण करेंगे।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के अलावा चल रही परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी कोई उल्लंघन होता है तो उसमें कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार के बैठक में जम्मू में श्रम व रोजगार विभाग के कामकाज की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे औद्योगिक एस्टेट, होटल, कारखानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करें, ताकि उत्पादन इकाइयों के अलावा वहां कार्यरत मानव संसाधन की सुविधाओं व कार्य स्थितियों पर फीडबैक एकत्र किया जा सके। साथ ही रिपोर्ट करने को भी कहा ताकि कोई कमी हो तो उसे दूर किया जा सके। उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधिमंडलों की समस्याएं सुनीं। आश्वासन दिया कि सरकार समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी। विभाग ने विभिन्न योजनाओं के तहत अपनी प्रगति और उपलब्धियों को दिखाने के लिए पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया और अध्यक्ष को अवगत कराया कि विभाग 1.5 लाख नैनो उद्यमिता स्थापित करने का इरादा रखता है, जो 10 लाख रुपये से कम है और मिशन युवा के लिए कुल बजट 1830 करोड़ रुपये है। उपमुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं, उनकी प्रगति व योजनाओं के वांछित परिणामों में बाधाओं की जिलावार समीक्षा की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, इससे लक्षित आबादी को लाभ देने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव राजीव रंजन, श्रम आयुक्त, चरणदीप सिंह, उप श्रम आयुक्त, जम्मू संभाग के सहायक श्रम आयुक्त व अन्य अधिकारी मौजूद थे।