अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के पुलिस अफसर अब बिना आईपीएस बने ही डीआईजी और आईजी बन सकते हैं। गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर पुलिस (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2024 के तहत पुलिस अधिकारियों की भर्ती के लिए नए नियम तय कर दिए हैं।
इसके तहत डीआईजी रैंक के समकक्ष छह पदों पर जेकेपीएस अधिकारियों और आईजीपी रैंक के दो पदों पर नियुक्ति हो सकती है। 2017 में प्रदेश सरकार ने इसे लेकर प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन नियम नहीं बनाए गए, क्योंकि कुछ माह बाद सरकार गिर गई। इसके बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया। मौजूदा प्रावधानों के तहत, केवल आईपीएस अधिकारियों को ही डीआईजी और उससे ऊपर के पद पर तैनात किया जा सकता है। 2011 से 2021 तक कानूनी विवादों और अन्य मुद्दों के कारण किसी भी जेकेपीएस अधिकारी को आईपीएस में शामिल नहीं किया गया था। हालांकि, पिछले तीन वर्षों के दौरान 44 जेकेपीएस अधिकारियों को आईपीएस में शामिल किया गया है, क्योंकि यूटी सरकार और संबंधित विभागों ने गृह मंत्रालय के साथ शामिल होने के मुद्दे को बढ़ाया है। शुक्रवार को उप राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसके लिए नियम किए गए। नए दिशानिर्देशों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर पुलिस राजपत्रित सेवा के भीतर विभिन्न संवर्गों में अधिकारियों की भर्ती व पदोन्नति को विनियमित करना है। नए नियमों के अनुसार, भर्ती सीधी नियुक्ति व पदोन्नति दोनों के माध्यम से होगी। सीधी भर्ती का प्रबंधन जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाएगा, जबकि पदोन्नति की देखरेख विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा की जाएगी। विभाग के भीतर पदोन्नति और नियुक्ति की निगरानी के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में दो चयन समितियां स्थापित की गई हैं।
नए नियमों ने पुलिस (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2002 की जगह ली है। नए नियम अब आधिकारिक रूप से लागू हैं और सरकार की अधिसूचना के अनुसार लागू किए जाएंगे।