सांबा। नगर परिषदों को शासन ने साफ कह दिया है कि इस बार माई टाउन माई प्राइड दूसरे चरण में कोई फंड नही मिलेंगे। इसके लिए परिषद अपने स्तर पर ही फंड जुटाए।
17 वार्ड की नगर परिषद के नई वार्ड में पहले से ही विकास नहीं हुआ। अब फंड नहीं मिलने से उनकी वार्ड का विकास रुक जाएगा। इको लेकर पार्षदों में रोष है। बताया गया है कि माई टाउन माई प्राइड में एक करोड़ रुपये फंड उपलब्ध होते हैं। ऐसे में सात लाख रुपये प्रत्येक वार्ड के हिस्से आता है। इससे गलियाें, नालियों का विकास कराया जाना होता है।
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केंद्र सरकार की ओर से माई टाउन माई प्राइड योजना तो शुरू की गई, जिससे लोगों को भी आस बनी कि अब तेजी से विकास होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार माई टाउन माई प्राइड के अंतर्गत फंड नहीं मिलने से नगर परिषद के नए वार्डों के विकास पर फर्क पड़ेगा। इसके लिए वह संघर्ष करेंगे, आम लोगों को भी बताएंगे।
-महेश्वर राज, पार्षद, वार्ड-17
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पिछले वर्ष जिला प्लान में भी वार्ड के फंड काटे गए। अब चार गलियों की योजना बनाई थी, पता चला है कि प्रधान सचिव ने नगर परिषदों के अध्यक्षों के साथ बैठक में कह दिया है कि इस बार फंड नहीं दिए जाएंगे। ऐसे में उनकी वार्डों का विकास रुक जाएगा।
-उत्तम चंद, पार्षद, वार्ड-16
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पहले ही मेगा प्रोजेक्ट के दो करोड़ के फंड लैप्स हो गए हैं। ऐसे में माई टाउन माई प्राइड के फंड नहीं मिलने से वार्डों में विकास की रफ्तार धीमी होगी। जम्मु-कश्मीर शासन को चाहिए कि केंद्र की योजना को अमल में लाते हुए फंड जारी किए जाएं, ताकि आम लोगों को पेश आ रही परेशानियों को दूर किया जाए। विकास की गति को बढ़ाया जाए।
-राज सिंह, पार्षद, वार्ड-15
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वार्ड के लोगों के साथ बैठक कर विकास कार्य चिह्नित किए। योजना बनाई, एस्टीमेट भी बना कर दे दिए हैं, यदि फंड नहीं मिलेंगे तो लोगों के साथ किए वादे के कारण पार्षदों को ही इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। यदि बैक टू विलेज कार्यक्रम में फंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं फिर माई टाउन माई प्राइड में क्यों नहीं। दो वार्ड में विकास कार्य शुरू भी करा दिए गए हैं।