बैठक में मौजूद आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक चंद्रशेखर आजाद व अन्य स्रोत- आरबीआई
- दिसंबर तिमाही की समीक्षा में बैंकों को कर्ज बढ़ाने के निर्देश
- बजट प्रावधानों से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में रोजगार बढ़ने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की एमएसएमई सशक्त समिति की 69वीं बैठक बुधवार को रिजर्व बैंक जम्मू में हुई। बैठक अक्तूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही की समीक्षा के लिए की गई। इसकी अध्यक्षता रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक चंद्रशेखर आजाद ने की। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए गारंटी के कर्ज की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
बैठक में छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाने की भविष्य की रणनीति पर जोर दिया गया। क्षेत्रीय निदेशक ने केंद्रीय बजट में घोषित 10 हजार करोड़ रुपये के विकास कोष का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों को जोखिम पूंजी उपलब्ध कराने के लिए दो हजार करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया गया है। इससे छोटे कारोबारियों को कर्ज लेने में राहत मिलेगी। सरकारी उपक्रमों को छोटे उद्योगों से खरीद के मामलों में भुगतान व्यवस्था से जोड़ना अनिवार्य किया गया है, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके। समिति ने छोटे उद्योगों को दिए जा रहे कर्ज, बैंकों के खराब कर्ज की स्थिति, कर्ज गारंटी योजना के तहत दिए गए ऋणों, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के मामलों और आर्थिक दबाव में चल रही इकाइयों के पुनर्वास की समीक्षा की। उद्योग समूह वाले क्षेत्रों में बैंक सुविधाओं की स्थिति का भी आकलन किया गया। बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे छोटे उद्योग क्षेत्र में कर्ज प्रवाह और बढ़ाएं। उद्योग पंजीकरण को बढ़ावा देने और डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अंतिम स्तर तक कर्ज पहुंचाने पर जोर दें। बैठक में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, प्रमुख बैंकों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।