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Jammu News: शहर की जर्जर और खतरनाक इमारतों की तैयार होगी कुंडली

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-15 दिन में वार्डवार रिपोर्ट, पुराने शहर और संस्थागत भवनों पर विशेष नजर
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-पिछले एक साल में 15 असुरक्षित इमारतें घोषित कर गिराई गईं
अमर उजाला ब्यूरो,
जम्मू। शहर में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की पहचान के लिए जम्मू नगर निगम (जेएमसी) ने वार्डवार सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुराने शहर में लंबे समय से मिल रही शिकायतों और मानसून के दौरान बढ़ते खतरे को देखते हुए निगम ने इंजीनियरों और प्रवर्तन अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की हैं। ये टीमें संभावित रूप से खतरनाक इमारतों का निरीक्षण कर 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी।

जेएमसी आयुक्त देवांश यादव ने शुक्रवार को बताया कि पिछले एक वर्ष में निगम ने करीब 15 ऐसी इमारतों की पहचान की, जिन्हें असुरक्षित घोषित करने के बाद गिराया गया। अब नए सिरे से पूरे शहर में संभावित खतरनाक भवनों की पहचान की जा रही है। खासतौर पर पुराने शहर और ऐसे संस्थागत भवनों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते या एकत्र होते हैं।
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निरीक्षण के दौरान इमारत के ढांचागत हिस्सों की स्थिति, नींव, कॉलम, पानी का रिसाव, गंभीर जर्जरता और भूस्खलन से जुड़े जोखिम की जांच की जाएगी। रिपोर्ट में भवन का स्थान, मालिकाना हक, मौजूदा स्थिति, खतरे की प्रकृति और आगे की कार्रवाई की सिफारिश दर्ज होगी। इंजीनियर मौके पर ही निरीक्षण के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
आवासीय इमारतों में 50 वर्ष या उससे अधिक वाली इमारतों को भी सर्वे में शामिल किया जाएगा। हालांकि, निगम हर असुरक्षित भवन को तुरंत गिराने के पक्ष में नहीं है। निगम से जुड़े इंजीनियर यह भी देखेंगे कि किसी भवन को रेट्रोफिटिंग या ढांचागत मजबूती देकर सुरक्षित किया जा सकता है या नहीं।

कैमरों से सड़कों के गड्ढे भी खोजेगा निगम

जेएमसी ने शहर की सड़कों और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान के लिए एआई आधारित प्रणाली भी शुरू की है। निगम के कचरा उठाने वाले वाहनों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो चलते समय सड़कों को स्कैन करेंगे। तकनीक गड्ढों के साथ सड़क किनारे कचरे के ढेर, गिरे बिजली के खंभे और ऐसी अन्य समस्याओं की पहचान करेगी।
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स्थानों की सूची तैयार कर फील्ड टीमों को भेजी जाएगी। इसके बाद टीमें मौके पर जाकर आवश्यक मरम्मत और सुधार का काम करेंगी। निगम के अनुसार, इसका उद्देश्य दुर्घटना या लोगों को लंबे समय तक होने वाली परेशानी से पहले ही नागरिक समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर समाधान करना है।
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