ज्यौडियां। जल शक्ति विभाग अखनूर और सब डिवीजन खौड़ के अंतर्गत आने वाली पंचायत नाथल के गांव थेंह कमधिनी के विशंबर दास रविवार को सेवामुक्त हो गए। वे खाली हाथ रोते-रोते विदा हुए। इस मौके पर उपस्थित उनके साथ सेवाएं दे रहे अन्य अस्थायी कर्मचारी भी भावुक हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति पर साथ विभाग का कोई भी अधिकारी शामिल नहीं हुआ।
उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले अखनूर डिवीजन के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, खौड़ के पवन कुमार और कुछ स्थानीय अस्थायी कर्मचारी ही थे, जिनकी आंखों में सिर्फ आंसु और मन में पीड़ा थी। यूनियन प्रधान प्रदीप शर्मा ने कहा कि आज मैं और मेरे साथी बहुत दु:खी हैं। क्योंकि बिशंबर दास 19 साल अस्थायी कर्मचारी सेवाएं देकर खाली हाथ लौट रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अस्थायी कर्मचारियों को जल्द से जल्द स्थायी किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने जनता से जुड़े कई ऐतिहासिक और धार्मिक भावनाओं से जुड़े फैसले लिए, देश के हित में कार्य कर रहे हैं लेकिन अफसोस तब होता है जब अस्थायी कर्मचारियों की अनदेखी की जाती है। यूनियन के उपप्रधान पवन कुमार ने कहा कि बिशंबर दास के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पूरा परिवार एक कच्चे कमरे में रह रहा है। परिवार मूल सुविधाओं से भी वंचित है। बिशंबर दास ने बताया कि उन्होंने दिन रात विभाग में बतौर अस्थायी कर्मचारी रहकर सेवाएं दीं। मेरी आयु के हिसाब से मेरी नौकरी की आयु सीमा समाप्त हो गई है। इस
मौके पर राम पाल, मंगा राम, चमन लाल, रतन लाल, बनारसी लाल आदि उपस्थित रहे।