-फर्जी दावों के खिलाफ जांच अभियान जल्द शुरू किया जाएगा
-जम्मू के करदाताओं के साथ डीलर मीट में कई मुद्दों पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर विभाग (एसटीडी), प्रशासन और प्रवर्तन, जम्मू नम्रता डोगरा ने कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत तरीके से लाभ उठाने या फर्जी आईटीसी दावे करने वालों के खिलाफ जल्द जांच अभियान शुरू किया जाएगा।
अतिरिक्त आयुक्त ने वीरवार को सर्कल डी-जम्मू के करदाताओं के साथ डीलर मीट में वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की। डोगरा ने कहा कि कुछ खाद्य विक्रेता, रेस्तरां, होटल व्यवसायी और अन्य व्यापारी अपने वास्तविक टर्नओवर को छिपाने, दबी हुई बिक्री दिखाने और कर चालान जारी करने से बचने के लिए कई यूपीआई खातों के माध्यम से भुगतान प्राप्त कर रहे हैं। इस तरह की प्रवृत्ति विभाग के संज्ञान में है और जल्द ही इन उल्लंघनों की जांच की जाएगी।
उन्होंने शेष तीन तिमाहियों के दौरान राजस्व के लिए एक रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की। डीलरों से अंतिम तिथि से पहले 100 प्रतिशत रिटर्न दाखिल करने को सुनिश्चित बनाने पर जोर दिया गया है। कहा, व्यवसाय प्रतिनिधि संबंधित राज्य कर अधिकारियों (एसटीओ) के साथ अपनी शिकायतें खुलकर साझा करें। करदाताओं को बताया कि विभाग ने आईटीसी का गलत तरीके से लाभ उठाने या फर्जी आईटीसी दावों का चलन देखा है, जो माल और सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों के लिए चिंता का एक प्रमुख कारण बनकर उभरा है।
कुछ लोग फर्जी लेनदेन करके या झूठे चालान बनाकर गलत तरीके से फर्जी क्रेडिट का दावा करने के लिए आईटीसी का उपयोग कर रहे हैं। इससे राजस्व की हानि के साथ ईमानदार करदाताओं को नुकसान होता है। व्यवसाय समुदाय से आईटीसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करने को कहा गया। करदाता अपने स्टॉक की स्थिति बनाए रखें।
विभाग ने देखा है कि कई महत्वपूर्ण संचार संभावित डीलरों तक नहीं पहुंचते हैं, जिस कारण विभाग और करदाताओं को नुकसान उठाना पड़ता है। सभी व्यक्तिगत ईमेल और मोबाइल नंबर के साथ जीएसटी पंजीकृत करें। इससे पहले राज्य कर अधिकारी सर्किल-डी नोरीन चौधरी ने उपस्थित लोगों को बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी दी।