निजी कोचिंग सेंटर में पढ़ाने या फिर अपना ट्यूशन सेंटर चलाने वाले सरकारी शिक्षकों पर शिक्षा विभाग जल्द ही शिकंजा कसने वाला है। इसके लिए विभाग ने सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में जिलास्तरीय टीम का गठन किया। यह टीमें जिला और जोनल स्तर पर ऐसे शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
प्रदेश में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को निजी ट्यूशन सेंटर और घर में ट्यूशन पढ़ाने की इजाजत नहीं है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक छात्रों को स्कूलों की बजाय निजी ट्यूशन सेंटर में महंगी फीस पर पढ़ाते हैं। विद्यार्थियों को ट्यूशन के लिए शिक्षकों की ओर से बाध्य किया जाता है।
डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी जैसे जिलों में सबसे ज्यादा सरकारी शिक्षक कोचिंग पढ़ाते हैं। ऐसे में इन जिलों में डाइट प्रिंसिपल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। कमेटी में कई स्कूल प्रिंसिपलों को शामिल किया गया है। यह कमेटी जिला और जोनल स्तर पर ऐसे शिक्षकों की निगरानी रखेगी।
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