जम्मू। त्योहारी सीजन शुरू होते ही बाजार में मिलावटी खोया और मिठाइयां पहुंचनी शुरू हो गई हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जम्मू शहर और अन्य क्षेत्रों से 29 खोये के सैंपल भरे, इनमें सात फेल पाए गए हैं। फेल पाए गए सैंपलों में निर्धारित से कम गुणवत्ता और घटिया खोया मिला है। त्योहारी सीजन के दौरान दूसरे राज्यों से भी प्रदेश में मिलावटी खोया पहुंचने की आशंका है। बाजार की मांग पूरी करने और मुनाफे के चक्कर में नकली खोया खपाया जा रहा है।
फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्देश पर बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर पर खोये की जांच के लिए मंडियों में सैंपल उठाए गए। जम्मू संभाग में प्रमुख खोये की मंडियां नहीं हैं, लेकिन प्रशासन ने जम्मू, डंसाल, कोट भलवाल, सुंदरबनी सहित अन्य क्षेत्रों में खोये की मोबाइल वैन के जरिये मौके पर जांच करवाई। विभिन्न जगहों से लिए गए सैंपलों में से सात फेल पाए गए हैं।
हर साल त्योहारों पर मिठाइयों और अन्य दुग्ध पदार्थों, खोये आदि की पहचान करना मुश्किल रहता है। इसका मिलावटखोर भरपूर लाभ उठाते हैं। त्योहारों पर मांग पूरी करने के लिए घटिया और मिलावटी खोया बाजार में लाया जा रहा है। स्किल्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति घी और रिफाइंड तेल के इस्तेमाल से कम गुणवत्ता वाला खोया तैयार किया जा रहा है। पंजाब, दिल्ली, यूपी सहित देश के अन्य हिस्सों से मिलावटी खोये की खेप अवैध तरीके से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचती रही है। हालांकि रेल मार्ग बंद होने से अभी यह सिलसिला शुरू नहीं हुआ है और स्थानीय स्तर पर ही कम गुणवत्ता वाला खोया तैयार किया जा रहा है।
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मिलावटी मिठाइयां बिगाड़ सकती हैं आपकी सेहत
सुपर स्पेशियलिटी नेफ्रोलॉजी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. एसके बाली का कहना है कि घटिया खोया और मिठाइयों से पेट संबंधी इंफेक्शन के साथ उल्टी, दस्त, डायरिया, फूड प्वाइजनिंग, बुखार, अंतड़ियों में सूजन आदि की शिकायत होती है। खोये को बर्फी, गुलाब जामुन सहित अन्य मिठाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय स्तर पर अखनूर, पुरमंडल, फ्लां मंडाल, चिनैनी आदि क्षेत्रों से खोये की खेप मंगवाई जाती है। इसी तरह रंगयुक्त मिठाइयां भी बीमारियां देने का काम करती हैं। मिठाइयों पर आकर्षित करने के लिए कई घटिया रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी मिठाइयों के सेवन से किडनी, लिवर पर असर पड़ता है। ऐसे पदार्थों के खुले और धूप में पड़े रहने से उसकी गुणवत्ता कम हो जाती है। इससे स्वाद बदल जाता है। बंद पैकेट में ऐसे पदार्थों के संरक्षित करने के लिए केमिकल मिलाए जाते हैं।
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खोये की जांच प्रक्रिया में और तेजी लाएंगे : आयुक्त
ड्रग एंड फूड सेफ्टी एडमिनिस्टेशन के आयुक्त शकील उल रहमान का कहना है कि खोये की जांच प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। त्योहारों पर मिलावटी खोये पर निगरानी तेज की गई है। दुकानदारों को भी उच्च गुणवत्ता वाले खोये का इस्तेमाल करने को कहा गया है।